May 9, 2026

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‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गान जैसा दर्जा, अपमान पर होगी सजा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। यह बैठक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद आयोजित हुई। इसलिए इसे राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। बैठक के दौरान मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी सफलता के लिए बधाई भी दी। साथ ही, उन्होंने इसे जनता का ऐतिहासिक समर्थन बताया।

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‘वंदे मातरम’ के अपमान पर सख्त कार्रवाई

सरकार के मुताबिक, नए संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम’ पर भी वही नियम लागू होंगे जो राष्ट्रगान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान से जुड़े मामलों में लागू हैं। अभी तक इन राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर जेल, जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है। अब राष्ट्रीय गीत को भी इसी कानूनी दायरे में शामिल किया जाएगा। इससे उसकी गरिमा और सम्मान को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम’ में संशोधन के प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया। सरकार के अनुसार, इस बदलाव के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी जो अभी राष्ट्रगान को प्राप्त है।

वहीं, अधिकारियों ने कहा कि संशोधन लागू होने के बाद राष्ट्रीय गीत का अपमान संज्ञेय अपराध माना जाएगा। इसके कारण दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। वर्तमान कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान के गायन में जानबूझकर बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की कैद हो सकती है। इसके साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। वहीं, दोबारा ऐसा अपराध करने पर कम से कम एक साल की जेल का प्रावधान है। अब सरकार यही नियम ‘वंदे मातरम’ पर भी लागू करने जा रही है। इससे लोगों में राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।

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संसद में उठी थी समान दर्जे की मांग

दरअसल, ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रगान के बराबर दर्जा देने की मांग पिछले साल दिसंबर में संसद में उठी थी। उस समय देशभर में इस गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही थी। इसी दौरान संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा भी हुई। कई सांसदों ने बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित इस गीत के ऐतिहासिक महत्व को याद किया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई थी।

इसके साथ ही सरकार ने वर्ष 2005 के संशोधन का भी उल्लेख किया। उस समय तिरंगे के अपमानजनक इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कानून में बदलाव किया गया था। अब सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। इसलिए ‘वंदे मातरम’ को भी कानूनी संरक्षण देने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि यह फैसला देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय सम्मान को और मजबूत करेगा।

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