मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर मंत्रियों के साथ बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट से पहले ही मंजूर सप्लीमेंट्री बजट पर चर्चा की गई। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री ब्रजेश पाठक समेत सभी कैबिनेट मंत्री उपस्थित थे। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 24 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बजट को अंतिम रूप देना और विभागों की मांगों का समन्वय करना था। मुख्यमंत्री ने बजट की प्राथमिकताओं और वितरित निधियों के उद्देश्य स्पष्ट किए। मंत्रियों ने विभागीय जरूरतों के अनुसार वित्तीय आवंटन पर चर्चा की। उन्होंने बजट को पारदर्शिता और दक्षता के साथ लागू करने पर जोर दिया। इस बैठक में सभी महत्वपूर्ण वित्तीय मुद्दों और योजनाओं पर विस्तार से विचार हुआ।
योगी ने सप्लीमेंट्री बजट पेश करने से पहले मंत्रियों के साथ बैठक की
उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वित्त मंत्री ने अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट को पहले ही कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी थी। बजट का कुल आकार 24 हजार करोड़ रुपये का है, जो विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं में वितरित किया जाएगा। सदन में बजट प्रस्तुति के दौरान विधायकों ने बजट के उद्देश्यों और प्रभाव पर सवाल उठाए। वित्त मंत्री ने विस्तार से बताया कि बजट का उद्देश्य सामाजिक कल्याण और विकास योजनाओं को गति देना है। उन्होंने बजट के मुख्य खर्च क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे को शामिल किया। सदन ने बजट की विधिवत चर्चा के लिए कई प्रस्ताव पेश किए। इस अवसर पर विधायकों ने वित्तीय पारदर्शिता और निधियों के सही उपयोग पर जोर दिया।
सप्लीमेंट्री बजट को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अनुपूरक ग्रांट किस मकसद और उद्देश्यों के लिए लाई जा रही है। विपक्षी नेताओं का आरोप था कि बजट में पारदर्शिता की कमी हो सकती है। सदन में इस दौरान कफ सिरप के मुद्दे पर भी जमकर बहस हुई। विपक्ष ने सरकार को योजनाओं और खर्च की स्पष्ट व्याख्या करने की चुनौती दी। भाजपा नेताओं ने विरोधियों के सवालों का जवाब देते हुए बजट की आवश्यकता और उद्देश्यों को स्पष्ट किया। इस बहस ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में राजनीतिक गरमाहट बढ़ा दी। कई विधायक बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं के प्रभाव और प्रभावशीलता पर भी चर्चा कर रहे थे।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश हुआ 24 हजार करोड़ रुपये का सप्लीमेंट्री बजट
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता की। बैठक में सभी विभागीय बजट प्रस्तावों और अनुपूरक आवंटन का अध्ययन किया गया। मंत्रियों ने विभागीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर वित्तीय आवंटन पर विचार किया। मुख्यमंत्री ने बजट को कुशल और पारदर्शी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निधियों का वितरण विकास और कल्याण योजनाओं पर केंद्रित रहेगा। कैबिनेट ने विभिन्न मंत्रालयों के प्रस्तावों का विश्लेषण किया और आपसी समन्वय सुनिश्चित किया। बैठक में बजट से संबंधित तकनीकी और वित्तीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। मंत्रियों ने अनुपूरक ग्रांट के संभावित प्रभावों और सामाजिक लाभ पर अपनी राय साझा की।
सप्लीमेंट्री बजट और कफ सिरप विवाद ने मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर भी हलचल मचा दी। विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठाए। भाजपा नेताओं ने सभी आरोपों का खंडन किया और बजट की वास्तविकताओं को स्पष्ट किया। जनता और मीडिया ने अनुपूरक बजट के संभावित प्रभाव और वितरण प्रक्रिया पर नजर रखी। कई विशेषज्ञों ने बजट को विकास योजनाओं के लिए आवश्यक बताया और कार्यान्वयन की सलाह दी। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने बजट पर व्यापक बहस जारी रखने का निर्णय लिया। सरकारी और विपक्षी दृष्टिकोणों की तुलना ने राजनीतिक बहस को और तीव्र किया। इस घटना ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया।


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