तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डेरेक ओ’ब्रायन को संसद के शीतकालीन सत्र के शेष भाग से सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप है, और इस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया.
दरअसल, डेरेक ओ’ब्रायन ने संसद की सुरक्षा में हुई चूक पर चर्चा की मांग की थी. लेकिन इस पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने टीएमसी सांसद का नाम लिया और उन्हें तुरंत सदन से बाहर जाने का आदेश दिया. धनखड़ ने कहा, ‘डेरेक ओ’ब्रायन को तुरंत सदन छोड़ने के लिए कहा जाता है. उनका कहना है कि वह सभापति की अवहेलना करेंगे. डेरेक ओ’ब्रायन का कहना है कि वह नियमों का सम्मान नहीं करेंगे. यह एक गंभीर कदाचार है. यह एक शर्मनाक घटना है.’ सभापति ने कहा कि सांसद का आचरण ठीक नहीं है.
Also Read: Unique Air Jordans Worth Rs 8 Lakh Unearthed in Donation Bin in the United States
ओ’ब्रायन का हुआ सस्पेंशन
सभापति ने कहा कि डेरेक ओ’ब्रायन नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में आ गए. कल सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर उन्होंने न सिर्फ नारेबाजी की, बल्कि सदन की कार्यवाही में बाधा डाली है. सभापति की तरफ से डेरेक ओ’ब्रायन के अलावा अन्य विपक्षी सांसदों को भी प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी गई. हालांकि, कोई भी सभापति की बात सुनने को तैयार नहीं था. फिलहाल राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया है. वर्तमान में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जो 4 दिसंबर से शुरू हुआ था और 22 दिसंबर तक चलने वाला है.
संसद में हुई घुसपैठ
संसद की सुरक्षा में बुधवार को बड़ी चूक हुई, जो घुसपैठिए सदन के भीतर घुस आए. विजिटर्स पास लेकर सदन की कार्यवाही देखने वाले दोनों आरोपियों ने विजिटर्स गैलरी से छलांग लगाई और सीधे सदन में पहुंच गए. इसके बाद उन्हें सांसदों के बेंच के ऊपर से कूदते हुए देखा गया है. इस दौरान एक आरोपी ने अपने जूते से स्मॉक बॉम्ब निकाला हुआ और उसे छोड़ दिया. इसकी वजह से सदन में पीले रंग का धुआं फैल गया. अभी तक सदन की सुरक्षा चूक मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
Also Read: Rishi Sunak: PM’s popularity plunges to record low amid Rwanda row


More Stories
At Least Dress Properly’: Delhi CM Rekha Gupta Slams AAP MLA After Video Shows Him Sitting In Undergarments
People Flee Collapsing Building as Earthquake Kills 132 in Colombia
Ukraine Drone Strike Kills 12 in Russia, One of War’s Deadliest Attacks