प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इंडिया एक्सपो सेंटर और मार्ट में तीन दिवसीय सेमीकॉन इंडिया-2024 का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 26 देशों के 836 प्रदर्शक और 50,000 से अधिक विजिटर्स भाग ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में एक हब के रूप में विकसित करना है, जिससे भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उद्घाटन के दौरान कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए अगले 10 वर्षों में 85,000 इंजीनियरों और तकनीशियनों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए 130 विश्वविद्यालयों को इस कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इन विश्वविद्यालयों में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष पाठ्यक्रमों को तैयार किया गया है, जिससे भारत में इस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कुशल जनशक्ति उपलब्ध हो सके।
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‘मेक इन इंडिया’ के महत्व पर जोर, सेमीकॉन इंडिया-2024
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर ‘मेक इन इंडिया’ के महत्व को भी दोहराया। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री को ‘मेक इन इंडिया’ का चिन्ह भेंट किया, जो देश में विनिर्माण और तकनीकी प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस आयोजन के माध्यम से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है, जिससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि तकनीकी क्षेत्र में भी भारत का कद बढ़ेगा।
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सेमीकॉन इंडिया-2024 उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर निर्माण का केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राज्य और देश दोनों के लिए आर्थिक और तकनीकी उन्नति के नए रास्ते खोलेगा।
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