सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के मामले में यूपी सरकार से दायर याचिका पर जवाब देने के लिए 10 दिन का समय मंजूर किया है. अब यूपी सरकार को इस मुद्दे पर अपना जवाब देने का मौका है. मामला स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हिंदुओं की आस्था को आहत करने के आरोपों पर आधारित है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने इस मुद्दे पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का न्यायिक समाधान चाहा जा रहा है.
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दायर की गई याचिका
समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट से यूपी सरकार ने जवाब देने के लिए समय मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के लिए राज्य सरकार को 10 दिन का समय देने का निर्णय लिया है. यह मामला स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ हिंदुओं की आस्था को आहत करने के आरोपों पर आधारित है. स्वामी प्रसाद मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है और अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का न्यायिक समाधान चाहा जा रहा है.
Also Read: तालिबान ने स्टेडियम में हत्या के दोषियों को मार डाला
31 अक्टूबर, 2023 को हाईकोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने प्रतापगढ़ की कार्यवाही को रद्द करने की अपील की थी. यह केस स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्रतापगढ़ जिले में रामचरितमानस की प्रतियां जलाने के आरोपों पर आधारित है. इस मुद्दे को रद्द करने के लिए मौर्य ने इलाहाबाद कोर्ट की ओर से किए गए फैसले को खत्म करने के लिए कोर्ट की दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था.
प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया
उसी दिशा में, स्वामी प्रसाद मौर्य को राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया है. पार्टी के संरक्षक और संस्थापक साहब सिंह धनखड़ ने गुरुवार को स्वामी प्रसाद मौर्य को पार्टी के अध्यक्ष के रूप में घोषित किया है. इसके पहले, दो दिन पहले, अर्थात मंगलवार को, स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी को छोड़ दिया था. सपा के महासचिव पद से इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने एमएलसी पद से भी इस्तीफा दे दिया था.
Also Read: सीरगोवर्धन पहुंचे पीएम मोदी, संत रविदास पार्क में लगी मूर्ति का करेंगे अनावरण
उनके एमएलसी पद से इस्तीफा देने के बाद, प्रसाद ने अखिलेश यादव पर कड़े शब्दों में हमला किया था. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और सपा से मेरा विचारधारिक मतभेद रहा है और मैं स्वच्छ राजनीति में विश्वास करता हूं. उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव समाजवादी विचारधारा के खिलाफ जा रहे हैं.


More Stories
Rajya Sabha setback: Buzz over Raghav Chadha’s BJP move
Supreme Court lauds peaceful Bengal Phase 1 voting turnout
एयरस्पेस बैन: भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों पर प्रतिबंध 24 मई तक बढ़ाया