कांग्रेस में शशि थरूर को लेकर असमंजस है. उन्होंने बड़ी भूमिका की दावेदारी पेश की, जिसे केरल में सीएम चेहरे के रूप में देखा जा रहा है. हालिया बयानों के कारण वे अलग-थलग पड़ गए हैं. कांग्रेस प्रदेश इकाई में बदलाव की योजना बना रही है, जिस पर 28 फरवरी को बैठक होगी.
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केरल कांग्रेस अध्यक्ष के. सुधाकरन ने कहा कि वह AICC के फैसले का पालन करेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक पद छोड़ने को नहीं कहा गया है और वह पार्टी से संतुष्ट हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस स्थानीय निकाय और 2026 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में बदलाव की तैयारी कर रही है. हालांकि, थरूर ने सुधाकरन का समर्थन किया और कहा कि उनकी लीडरशिप में पार्टी ने कई चुनाव जीते हैं.
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शशि थरूर को लेकर IUML ने छेड़ी नई चर्चा
उधर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने एक ‘प्रभावी चुनाव प्रचारक’ कहकर नई अटकलें पैदा कर दी हैं. थरूर तिरूवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य हैं. IUML ने इस बात पर जोर दिया है कि थरूर का योगदान केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF के लिए मूल्यवान होगा. आईयूएमएल प्रमुख पनक्कड़ सादिक अली शिहाब थंगल ने पत्रकारों से कहा, ‘मेरा मानना है कि वह (थरूर) अब भी कांग्रेसी हैं. थरूर एक प्रभावी चुनाव प्रचारक हैं और यूडीएफ उनका उपयोग कर सकता है. वह यूडीएफ और ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा हैं. वह भारत में एक प्रमुख राजनीतिक नेता भी हैं. उनका भाषण सुनने के लिए काफी संख्या में लोग जुटते हैं.’
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कहा जा रहा है कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस के भीतर खींचतान चल रही है. थरूर के मुद्दे पर थंगल का बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही उन्होंने कांग्रेस से अपनी केरल इकाई में नेतृत्व संबंधी किसी भी आंतरिक विवाद को सुलझाने का आग्रह किया था.
उनका यह बयान कांग्रेस CWC के सदस्य द्वारा हाल में एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू के कारण छिड़ी राजनीतिक बहस के बाद आया है. साक्षात्कार में थरूर ने पार्टी की केरल इकाई में नेता की अनुपस्थिति पर काफी जोर दिया था और गैर-पारंपरिक वोटरों के बीच अपनी अपील का हवाला देते हुए खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश किया था.


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