सम्राट चौधरी अब बिहार की राजनीति में एक बड़े मोड़ पर खड़े हैं। बीजेपी ने 14 अप्रैल को उन्हें विधायक दल का नेता चुनकर यह साफ कर दिया कि वही राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे लोकभवन में उनके शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय हुआ है। उनके नाम की घोषणा के साथ ही पिछले एक महीने से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। दिलचस्प बात यह रही कि इस बार पार्टी ने कोई चौंकाने वाला चेहरा नहीं चुना, बल्कि उसी नाम पर मुहर लगाई जिसकी चर्चा पहले से थी और जिसे नीतीश कुमार का भी समर्थन माना जा रहा था।
Also Read: Instagram ने पेश किया नया कमेंट अपडेट फीचर, यूजर्स को मिलेगा ज्यादा कंट्रोल
2013 में नीतीश सरकार बचाकर सम्राट ने बनाई मजबूत पहचान
सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। 2013 में जब नीतीश कुमार ने बीजेपी से अलग होकर सरकार बनाई, तब सम्राट ने RJD के 13 विधायकों को अपने साथ लाकर उनकी सरकार बचाने में अहम भूमिका निभाई थी। यही घटना उनके राजनीतिक करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी। इससे पहले वे RJD में लंबे समय तक रहे और मंत्री भी बने, हालांकि कम उम्र में मंत्री बनने को लेकर विवाद भी हुआ। बाद में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में अपनी स्थिति मजबूत की।
सम्राट और नीतीश कुमार के बीच राजनीतिक ही नहीं, पारिवारिक रिश्ते भी रहे हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे और नीतीश के करीबी माने जाते थे। कुशवाहा और कुर्मी जाति के समीकरण को बिहार की राजनीति में ‘लव-कुश’ जोड़ी कहा जाता है, जिसने एक समय RJD के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनाया था। इन रिश्तों और भरोसे ने भी सम्राट को आगे बढ़ने में मदद की और नीतीश ने कई मौकों पर उनकी तारीफ की।
बीजेपी में शामिल होने के बाद सम्राट का सफर तेजी से आगे बढ़ा। 2018 में पार्टी में एंट्री के बाद वे मंत्री, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और फिर प्रदेश अध्यक्ष बने। 2024 में NDA सरकार बनने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया। पार्टी ने उन्हें हर भूमिका में परखा और उन्होंने खुद को साबित किया। हालांकि कुछ नेताओं ने उनके चयन पर सवाल उठाए, फिर भी पार्टी नेतृत्व और सहयोगियों के समर्थन से सम्राट अब बिहार के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री बनने की ओर बढ़ चुके हैं।
Also Read: आशा भोसले ने लता मंगेशकर से मुकाबले और पसंदीदा गायक पर बात की


More Stories
आशीष कुमार डैश होंगे इन्फोसिस के नए CEO और MD, 1 अप्रैल 2027 से संभालेंगे जिम्मेदारी
Gujarat on Red Alert as Ahmedabad Receives 177 mm Rainfall in Just Two Hours
Rupee slips 4 paise to settle at 96.57 against U.S. dollar