राज ठाकरे ने कल्याण-डोंबिवली महापालिका (KDMC) के सियासी घटनाक्रम पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का हवाला देते हुए संजय राउत के दावों को खारिज किया।
संजय राउत के दावे पर राज ठाकरे का पलटवार
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा था कि शिंदे गुट के साथ गठबंधन से राज ठाकरे खुश नहीं थे। राउत का दावा था कि यह गठबंधन स्थानीय मजबूरी का नतीजा था।
राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इन बातों को गलत बताया। उन्होंने साफ किया कि गठबंधन सोच-समझकर लिया गया रणनीतिक फैसला था।
बालासाहेब का उदाहरण देकर लचीलेपन की बात
राज ठाकरे ने एक्स पर लिखा कि बालासाहेब ने भी जरूरत पड़ने पर राजनीति में लचीलापन दिखाया था। उन्होंने कहा कि यह स्वार्थ नहीं, बल्कि मराठी अस्मिता के लिए लिया गया फैसला था।
राज ने दो टूक कहा कि उनका कोई भी राजनीतिक कदम निजी फायदे के लिए नहीं होता।
KDMC में बदले सियासी समीकरण
गठबंधन के बाद KDMC का गणित पूरी तरह बदल गया है। 122 सीटों वाली महापालिका में अब सत्ता की चाबी MNS के पास है।
मेयर पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हो गया है। बीजेपी और उद्धव गुट के पास कोई ST पार्षद नहीं है।
ऐसे में शिंदे गुट का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है। अब सवाल है कि बीजेपी सत्ता में शामिल होगी या विपक्ष में बैठेगी।
Also Read: बॉर्डर अभिनेता फीस: सुनील और अक्षय से ज्यादा फीस में सनी देओल


More Stories
Rajya Sabha setback: Buzz over Raghav Chadha’s BJP move
Supreme Court lauds peaceful Bengal Phase 1 voting turnout
एयरस्पेस बैन: भारत ने पाकिस्तानी उड़ानों पर प्रतिबंध 24 मई तक बढ़ाया