मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद से कांग्रेस में काफी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। सूरत की एक अदालत ने आज राहुल गांधी को चार साल पहले मोदी सरनेम के बारे में उनकी टिप्पणी के लिए दोषी ठहराया। यह मानहानि का मुकदमा 2019 में दायर किया गया था।हालांकि कोर्ट ने राहुल गांधी को फौरन जमानत भी दे दी। राहुल की सजा पर 30 दिन की रोक लगाई है जिससे कांग्रेस नेता इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकें।
आज सुबह ही राहुल गांधी सूरत पहुंच गए थे और फैसला आने के बाद दिल्ली लौटते समय उन्होंने पहली प्रतिक्रिया दी। हिंदी में ट्वीट करते हुए उन्होंने महात्मा गांधी के विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, ‘मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन।’ सोशल मीडिया पर राहुल गांधी ट्रेंड हो रहे हैं। भाजपा खेमे में खुशी है तो कांग्रेस समर्थक भड़के हुए हैं। कई कांग्रेस समर्थकों ने लिखा है कि सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं। दिल्ली में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन भी हो रहा है।
प्रियंका गांधी ने लिखा, ‘डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल गांधी जी की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। मेरे भाई न कभी डरे हैं, न कभी डरेंगे। सच बोलते हुए जिये हैं, सच बोलते रहेंगे। देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। सच्चाई की ताकत और करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है।’
राहुल के वकील बाबू मंगुकिया ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच. एच. वर्मा ने कांग्रेस नेता को आईपीसी की धाराओं 499 और 500 के तहत दोषी करार दिया। ये धाराएं मानहानि से जुड़ी हैं। राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था, ‘सभी चोरों का एक जैसा सरनेम मोदी ही कैसे होता है?’ वायनाड से लोकसभा सांसद ने यह टिप्पणी 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में एक रैली में की थी। राहुल की इस टिप्पणी के खिलाफ भाजपा के नेता और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने शिकायत दर्ज कराई थी।
कोर्ट का फैसला आते ही भाजपा नेताओं ने ट्वीट करना शुरू कर दिया, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राहुल को सजा देने के फैसले पर कहा कि लोकतंत्र में आंदोलन करना हमारा काम है, जनता को सच बताना, लेकिन यह तानाशाही सरकार न मानती है लोकतंत्र में न सदन में चर्चा चाहता है। खड़गे ने आगे कहा कि उन्हें (राहुल को) जमानत मिल गई है. ये (भाजपा) लोग पहले जज बदलते रहे, लेकिन हमें अंदाजा हो रहा था लेकिन हम कानून को मानने वाले लोग हैं। हम कानून के मुताबिक लड़ाई लड़ेंगे।


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