भारत में तीसरी बार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर पाकिस्तान के सुर बदलने लगे हैं। अब पाकिस्तान के उप प्रधान मंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को भारत को भेजे एक ‘‘सकारात्मक संदेश’’ कहा कि उनका देश ‘‘निरंतर शत्रुता’’ में विश्वास नहीं रखता है और नई दिल्ली में नवनिर्वाचित सरकार से इस्लामाबाद के साथ अपने भविष्य के संबंधों पर गंभीर चिंतन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा है कि अब दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने का समय आ गया है। हम जम्मू-कश्मीर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं।
Also Read:नासा ने स्पेस पर चहलकदमी की योजना
‘हम भारत के साथ अच्छे पड़ोसियों वाले संबंध चाहते हैं’
इशाक डर मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज इस्लामाबाद में एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान ही उन्होंने यह बयान दिया। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेता ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा ‘‘अच्छे पड़ोसियों वाले संबंध’’ चाहता है। डार ने कहा, ‘‘हमारे पूर्वी क्षेत्र में भारत के साथ संबंध ऐतिहासिक रूप से अशांत रहे हैं। पाकिस्तान निरंतर शत्रुता में विश्वास नहीं रखता। हम आपसी सम्मान, संप्रभु समानता और लंबे समय से जारी जम्मू-कश्मीर विवाद के न्यायोचित और शांतिपूर्ण समाधान के आधार पर भारत के साथ अच्छे पड़ोसियों वाले संबंध चाहते हैं।’’
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत के साथ बेहतर संबंध सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान हर कदम उठाएगा, लेकिन वह किसी भी भारतीय सैन्य दुस्साहस का समुचित जवाब देने से नहीं चूकेगा।
Also Read:पिछले 7 साल में जीएसटी से देश के गरीबों और
तीसरी बार पीएम बनने पर नरेंद्र मोदी को दी बधाई
नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री चुने जाने पर पाक के डिप्टी पीएम इशाक डार ने बधाई दी। उन्होंने भारत सरकार से भविष्य में इस्लामाबाद के साथ संबंध सुधारने का आग्रह किया। डार ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान ने सभी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए शांतिपूर्ण प्रयास किए हैं। भारत के साथ दोस्ती की पहल कर रहे डिप्टी पीएम ने कहा कि वह चाहते हैं कि पाकिस्तान और भारत के बीच रिश्ते बेहतर हों। (भाषा इनपुट्स के साथ)
Also Read:टी-20 वर्ल्ड कप: सेमीफाइनल में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया बाहर


More Stories
Two Lok Sabha MPs Refuse Salary: Meet the Lawmakers Who Decline Pay
IT कंपनियों पर बढ़ सकते हैं साइबर हमले NASSCOM ने सुरक्षा बढ़ाने की दी सलाह
US-Iran conflict impact: Market turmoil and protests in Parliament