लोकसभा में 4 फरवरी की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से ठीक पहले एक असाधारण और तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। विपक्षी दल पूरी तैयारी के साथ संसद पहुंचे थे और पोस्टर-बैनरों के जरिए विरोध की रणनीति पहले ही तय कर चुके थे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस समेत विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए, जिससे स्थिति तेजी से गरमाने लगी। शाम 4:35 बजे मैं लोकसभा की गैलरी में बैठी और पूरे घटनाक्रम को देखना शुरू किया।
4:40 बजे समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव अपने सहयोगी नेताओं अवधेश प्रसाद और धर्मेंद्र यादव के साथ सदन में पहुंचीं। हर विपक्षी दल अपने-अपने पोस्टर और बैनर लेकर आया था। समाजवादी पार्टी के सांसदों के हाथों में अहिल्याबाई होलकर की तस्वीरें थीं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को कल्याण बनर्जी दिशा-निर्देश देते नजर आए।
शाम 4:50 बजे अभिषेक बनर्जी महुआ मोइत्रा के साथ लोकसभा में दाखिल हुए। उन्होंने पहले कल्याण बनर्जी से लंबी बातचीत की और फिर सपा सांसद अवधेश प्रसाद के पास जाकर चर्चा की। सदन के भीतर विपक्षी दलों की एकजुटता साफ दिखाई दे रही थी। प्रधानमंत्री मोदी के भाषण से ठीक आठ मिनट पहले, यानी 4:52 बजे, प्रियंका गांधी लोकसभा पहुंचीं और शांतिपूर्वक अपनी सीट पर बैठ गईं। लोकसभा स्थगित होने के बावजूद माहौल बेहद तनावपूर्ण बना रहा और कुछ पलों के लिए ऐसा लगा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सीधा टकराव हो सकता है।
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विपक्ष से संवाद की कोशिश
स्थिति को संभालने के लिए शाम 5:06 बजे केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू और अनुराग ठाकुर विपक्षी नेताओं से बातचीत करने पहुंचे। अश्विनी वैष्णव ने दीपेंद्र हुड्डा के कंधे पर हाथ रखकर उन्हें शांत करने की कोशिश की। इस दौरान विपक्ष के वरिष्ठ नेता—प्रियंका गांधी, अभिषेक बनर्जी, डिंपल यादव और सुप्रिया सुले—शांतिपूर्वक पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। स्थगन की घोषणा के बाद वे सदन से बाहर की ओर बढ़ने लगे और कुछ ही देर में हालात सामान्य होते दिखाई दिए।
हालांकि तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। शाम 5 बजे संध्या राय ने अध्यक्ष की कुर्सी संभाली और कुछ ही सेकंड बाद कांग्रेस सांसद गेनीबेन नागाजी ठाकोर, वर्षा गायकवाड़ और प्रतिभा सुरेश धनोरकर वसीन, इमरान मसूद और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ बड़े पोस्टर लेकर वेल में पहुंच गए। स्थिति तब और बिगड़ गई जब सांसद वेल से आगे बढ़कर ट्रेजरी बेंच की ओर जाने लगे। बीजेपी नेता अश्विनी वैष्णव, अनुराग ठाकुर, किरेन रिजिजू और निशिकांत दुबे अचानक हुई इस हलचल से चौंक गए और सदन में अफरा-तफरी मच गई। महज दो मिनट के भीतर, शाम 5:02 बजे, अध्यक्ष संध्या राय ने लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।
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