महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों के चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। महायुति सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने अपने उम्मीदवार को लेकर अहम फैसला किया है। सोमवार देर रात प्रफुल्ल पटेल के मुंबई स्थित आवास पर कोर कमेटी की बैठक हुई। बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी दौरान पार्थ पवार को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी। इस महत्वपूर्ण बैठक में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। माना जा रहा है कि इस फैसले से पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह संगठन और सत्ता, दोनों स्तरों पर अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है।
इसके साथ ही, पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक को लेकर भी गहन चर्चा हुई। यह बैठक 26 फरवरी को प्रस्तावित है और इसे संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। चर्चा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव पर भी विचार-विमर्श हुआ। फिलहाल इस पद के लिए सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। यदि उनके नाम पर सहमति बनती है तो पार्टी नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, यह महत्वपूर्ण बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है। इस आयोजन में देशभर से प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे पार्टी अपनी एकजुटता का संदेश देना चाहती है।
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राज्यसभा रेस में पार्थ, बीजेपी की रणनीति तेज
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी राज्यसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल और सीटों के बंटवारे को लेकर भी रणनीति बनाई गई। माना जा रहा है कि महायुति की ओर से पार्थ पवार की एंट्री के बाद भाजपा भी अपने समीकरण और मजबूत करने में जुटी है। भाजपा इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मानते हुए अधिकतम सीटें जीतने की तैयारी में है।
इसके अलावा, पार्टी इस बार चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वहीं विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। पार्टी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। शीर्ष नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी।
सियासी गणित और समीकरण
दरअसल, महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की सात सीटें खाली हैं। कुल 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की आवश्यकता होगी। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन स्पष्ट बढ़त में दिखाई दे रहा है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय सहित 132 विधायक हैं। इस संख्या के आधार पर पार्टी तीन सीटें आसानी से जीत सकती है। यदि सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलता है तो चौथी सीट पर भी उसकी स्थिति मजबूत रह सकती है।
वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के पास 58 विधायक हैं और वह एक सीट सुरक्षित करने की स्थिति में है। NCP (अजित पवार गुट) के पास करीब 40 विधायक हैं, जिससे उसे भी एक सीट मिलने की संभावना है। इसके विपरीत, महाविकास अघाड़ी के पास लगभग 49 विधायक हैं। इसलिए विपक्षी गठबंधन केवल एक सीट सुरक्षित कर सकता है। मौजूदा राजनीतिक समीकरण सत्ता पक्ष के पक्ष में नजर आते हैं। हालांकि अंतिम परिणाम उम्मीदवारों के चयन, रणनीतिक मतदान और संभावित क्रॉस-वोटिंग पर भी निर्भर करेगा।
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