पाकिस्तान ने गुरुवार को बताया कि उनके विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी अगले महीने भारत जाएंगे. वह गोवा में आयोजित होने वाली शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में भाग लेने के लिए आ रहे हैं. विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज बलूच ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि बिलावल भुट्टो जरदारी 4-5 मई को गोवा में होने वाली SCO काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स (CFM) में पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
जरदारी की भारत यात्रा 2014 में नवाज शरीफ के बाद किसी पाकिस्तानी नेता की पहली भारत यात्रा होगी. फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में नई दिल्ली द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध गंभीर रूप से तनावपूर्ण हो गए थे. भारत द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर की विशेष शक्तियों को वापस लेने और राज्य को केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा के बाद से संबंध और बिगड़ गए थे.
पीएम मोदी पर दे चुके हैं विवादित बयान
दिसंबर 2022 में पाक विदेश मंत्री बिलावल जरदारी भुट्टो ने पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने न्यूयॉर्क में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के विदेश मंत्री की बातों का जवाब देते हुए कहा था, ‘मैं भारत को बताना चाहता हूं कि ओसामा बिन लादेन तो मर चुका है, लेकिन ‘गुजरात का कसाई’ अभी जिंदा है और भारत का प्रधानमंत्री है.’ भारत के विदेश मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान 9/11 के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पनाह देता है.
क्या है SCO?
SCO एक क्षेत्रीय राजनीतिक और सुरक्षा ब्लॉक है जिसके सदस्यों में रूस, चीन, भारत और पाकिस्तान शामिल हैं. विदेश मंत्रियों की बैठक गोवा में होगी. भारत 9 जून, 2017 को एससीओ का पूर्ण सदस्य बन गया था. इसमें अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया जैसे चार आब्जर्वर स्टेट हैं और छह डायलाग पार्टनर आर्मेनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की हैं. आठ सदस्यीय शंघाई सहयोग संगठन एक प्रमुख क्षेत्रीय महाशक्ति है जिसे दो दशक पहले अपने सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था. यह दुनिया की कुल आबादी का लगभग 42 प्रतिशत और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 25 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है.


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