पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से गैंगरेप के मामले ने राजनीति गरमा दी है। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर विपक्ष खासकर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ममता ने कहा कि बाहर से आई छात्राओं को हॉस्टल नियमों का पालन करना जरूरी होता है। उन्होंने कहा, “छात्राएं रात को बाहर न निकलें, हालांकि उन्हें कहीं भी जाने का अधिकार है।” यह बयान पीड़िता के देर रात बाहर डिनर पर जाने को लेकर दिया गया था। ममता के बयान को लेकर बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश देखने को मिला। उन्होंने इसे “विक्टिम को शर्मिंदा करने वाला बयान” बताते हुए मुख्यमंत्री से माफी की मांग की। नॉर्थ 24 परगना में साल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज़ में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एक हाथ में लाल मिर्च पाउडर और दूसरे में पोस्टर लेकर नारेबाज़ी की।
BJP नेताओं ने कहा कि महिलाओं को अब लाल मिर्च पाउडर साथ लेकर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी अपराधी दिखे तो उस पर मिर्च पाउडर फेंककर उसका विरोध करें। नेताओं ने राज्य की कानून व्यवस्था को विफल बताते हुए ममता सरकार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अब अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर नहीं दिख रही है। विपक्ष के लगातार हमले के बाद ममता बनर्जी ने सफाई में नया बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और गलत अर्थ निकाला गया। बनर्जी ने कहा कि उनका मकसद किसी की आज़ादी या गरिमा पर सवाल उठाना नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मामलों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
यह मामला अब कानून व्यवस्था से उठकर राजनीतिक और सामाजिक विमर्श का मुद्दा बन चुका है। सोशल मीडिया पर भी ममता बनर्जी के बयान को लेकर जनता में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोग बयान को गैरजिम्मेदाराना बता रहे हैं, तो कुछ ममता की नीयत पर भरोसा जता रहे हैं। विपक्ष इसे महिला विरोधी मानसिकता बता रहा है, जबकि सरकार खुद को गलत समझे जाने की बात कहती है। अब सबकी नजर इस पर है कि सरकार पीड़िता को जल्द न्याय दिला पाती है या नहीं।
Also Read : सुप्रीम कोर्ट का नया नियम अब पूरे देश में लागू, आवारा कुत्तों पर बड़ा आदेश


More Stories
कौन हैं मोजतबा ख़ामेनेई, जिन्हें अगल सुप्रीम लीडर माना जा रहा है
RSP Leads Nepal Election 2026
AIIMS जोधपुर से पढ़ाई, UPSC में टॉप कर बने मिसाल अनुज अग्निहोत्री