संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को सौंपकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। यह कदम पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की किताब से जुड़े विवाद और विपक्ष को चर्चा का अवसर न मिलने के आरोपों के बीच उठाया गया है।
ओम बिरला को लेकर संसद में गतिरोध
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में जनरल नरवणे के एक पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद अपनी किताब के उपलब्ध होने की जानकारी साझा की थी। वहीं, पेंगुइन पब्लिकेशन का दावा है कि ऐसी कोई किताब प्रकाशित नहीं हुई। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इन दोनों दावों में से कोई एक ही सही हो सकता है और इसी कारण सरकार को इस विरोधाभास पर सदन में स्पष्ट चर्चा करानी चाहिए। इसके बाद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा में जोरदार हंगामा किया।
Also Read : जेईई मेन 2026 सेशन 1 का रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा
इसके साथ ही, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने सरकार और स्पीकर पर संसद को सुचारू रूप से न चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लगातार बोलने से रोका जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर संसद को एकतरफा तरीके से चलाना चाहती है।
Also Read : ‘दिल्ली नहीं, ढाका’: बांग्लादेशी युवाओं में भारत-विरोध बढ़ा?


More Stories
Fuel Price Update: New Petrol, Diesel and CNG Rates Released
Operation Amistad: India Rushes Humanitarian Aid to Earthquake-Stricken Venezuela
विश्वास नांगरे पाटिल के आरएसएस कार्यक्रम पर कांग्रेस का हमला