संसद के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस सचिवालय को सौंपकर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। यह कदम पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे की किताब से जुड़े विवाद और विपक्ष को चर्चा का अवसर न मिलने के आरोपों के बीच उठाया गया है।
ओम बिरला को लेकर संसद में गतिरोध
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में जनरल नरवणे के एक पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद अपनी किताब के उपलब्ध होने की जानकारी साझा की थी। वहीं, पेंगुइन पब्लिकेशन का दावा है कि ऐसी कोई किताब प्रकाशित नहीं हुई। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि इन दोनों दावों में से कोई एक ही सही हो सकता है और इसी कारण सरकार को इस विरोधाभास पर सदन में स्पष्ट चर्चा करानी चाहिए। इसके बाद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर लोकसभा में जोरदार हंगामा किया।
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इसके साथ ही, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने सरकार और स्पीकर पर संसद को सुचारू रूप से न चलने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लगातार बोलने से रोका जा रहा है, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई कर संसद को एकतरफा तरीके से चलाना चाहती है।
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