अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने कहा कि भारत को नजरअंदाज करना बड़ी रणनीतिक आपदा बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत चीन जैसा विरोधी नहीं, बल्कि एक मूल्यवान और लोकतांत्रिक साझेदार साबित हो सकता है। हेली ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका भारत से पिछले 25 वर्षों में बने रिश्ते कमजोर करता है, तो यह एक गंभीर गलती होगी।
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भारत ही चीन का सबसे मजबूत संतुलन बना सकता है
निक्की हेली ने जोर देकर कहा कि भारत चीन का मुकाबला करने में अमेरिका का सबसे मजबूत सहयोगी है। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और उसका उदय दुनिया के लिए खतरा नहीं बनेगा। इसके विपरीत, चीन की शक्ति बढ़ना दुनिया के लिए चुनौती है क्योंकि वह सत्तावादी कम्युनिस्ट शासन से चलता है।
अमेरिका को भारत की आर्थिक और औद्योगिक क्षमता का लाभ उठाना चाहिए
हेली ने कहा कि भारत में चीन की तरह बड़े पैमाने पर सामान बनाने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने बताया कि अमेरिका कपड़े, सस्ते फोन और सोलर पैनल जैसे उत्पाद भारत से आसानी से प्राप्त कर सकता है। अमेरिका को अपनी सप्लाई चेन चीन से हटाकर भारत में स्थानांतरित करने का कदम तुरंत उठाना चाहिए।
भारत की भू-राजनीतिक स्थिति से अमेरिका को मिलेगा फायदा
निक्की हेली ने कहा कि भारत की रक्षा क्षमता और भौगोलिक स्थिति अमेरिका के लिए रणनीतिक लाभ देगी। उन्होंने बताया कि भारत की मौजूदगी चीन की ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति लाइनों पर दबाव डाल सकती है। मध्य पूर्व में भारत की भूमिका भी स्थिरता लाने में अहम साबित होगी, खासकर जब अमेरिका वहां कम संसाधन लगाना चाहता है।
अमेरिका-भारत साझेदारी से दोनों देशों को मिलेगा लाभ
हेली ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जो जल्द जापान को पीछे छोड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का उदय चीन की महत्वाकांक्षाओं को रोककर वैश्विक संतुलन बनाए रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका-भारत के बीच व्यापार विवाद बढ़ाना चीन को लाभ पहुंचाएगा और दोनों देशों के हितों को नुकसान देगा।
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