दिल्ली शराब घोटाले में 16 महीने से अधिक समय तक बंद मनीष सिसोदिया को आज सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी में जश्न का माहौल है। सिसोदिया को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली है और खबर है कि आज शाम उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा। इससे पहले, मनीष सिसोदिया ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। उन पर आबकारी नीति में अनियमितताओं का आरोप है।
Also Read: ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने 89.94 मीटर का थ्रो कर जीता रजत
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत दी, लेकिन कुछ शर्तें भी लगाई
मनीष सिसोदिया को आज सुप्रीम कोर्ट ने जमानत तो दे दी है पर इसमें कुछ शर्तें हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, सिसोदिया को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, इसका मतलब सिसोदिया देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते। मनीष सिसोदिया को हर सोमवार को थाने में हाजिरी देनी होगी। बता दें कि सिसोदिया को करीब 17 महीने जेल के अंदर रहना पड़ा। हालांकि बीच-बीच में उन्हें अपनी पत्नी के खराब स्वास्थ्य के चलते पेरोल दी गई थी।
Also Read: RBI increases UPI transaction limit for tax payments to Rs 5 lakh from Rs 1 lakh
शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन माना
अदालत ने यह देखने के बाद याचिका मंजूर की कि मुकदमे में लंबी देरी ने सिसोदिया के शीघ्र सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि शीघ्र सुनवाई का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता का एक पहलू है। बेंच ने कहा कि सिसोदिया को शीघ्र सुनवाई के अधिकार से वंचित किया गया है। हाल ही में जावेद गुलाम नबी शेख मामले में भी हम ऐसे ही निपटे थे। हमने देखा कि जब अदालत, राज्य या एजेंसी शीघ्र सुनवाई के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकती है, तो अपराध गंभीर होने का हवाला देकर जमानत का विरोध नहीं किया जा सकता है। अनुच्छेद 21 अपराध की प्रकृति के बावजूद लागू होता है।
Also Read: अनुशासन तोड़ने के आरोप में अंतिम पंघाल को ओलंपिक विलेज से किया गया बाहर
केजरीवाल और सत्येंद्र सिंह भी बाहर आएंगे: संजय सिंह
सांसद संजय सिंह ने आगे कहा कि दिल्ली का नागरिक खुश है। सब मानते थे कि हमारे नेताओं के साथ जोर जबरदस्ती और ज्यादती हुई है। हमारे मुखिया अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन को जेल में रखा है। वो भी बाहर आएंगे। केंद्र की सरकार की तानाशाही के खिलाफ जोरदार तमाचा है। कभी ईडी कोई न कोई जवाब दाखिल करने का बहाना बनाया। एक पैसा मनीष सिसोदिया के घर, बैंक खाते से नहीं मिला। सोना और प्रॉपर्टी नहीं मिला। दिल्ली के विधानसभा चुनाव के लिए और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता के लिए खुशखबरी है। हमें ताकत मिलेगी।


More Stories
नेपाल में बालेन शाह की पार्टी RSP ने दर्ज की बड़ी जीत अन्य पार्टियां काफी पीछे
IND vs NZ T20 World Cup Final: What Kind of Pitch Will Ahmedabad Offer
कौन हैं मोजतबा ख़ामेनेई, जिन्हें अगल सुप्रीम लीडर माना जा रहा है