रंगदारी के मामले में, जब कोर्ट ने दोनों पक्षों की बातचीत सुनी, उसके बाद विचार करते हुए कोर्ट ने इरफान को पर्याप्त आधार पर जमानत में रिहा करने का निर्णय लिया. वहीं, जाजमऊ आगजनी मामले में, बचाव पक्ष ने सोमवार को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट में आगे की बहस की, जिसमें उन्होंने अपने तर्कों को प्रस्तुत किया.
रंगदारी के मामले में दोनों पक्षों की हुई सुनवाई
एक साल पहले कानपुर के जाजमऊ थाने में दर्ज की गई रंगदारी के मामले में, विधायक इरफान सोलंकी को एमपीएमएलए सेशन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने जमानत दे दी है. कोर्ट ने इस मामले में इरफान को 50-50 हजार की दो जमानतों और निजी मुचलके के साथ रिहा करने का आदेश जारी किया है. हालांकि, अन्य मुकदमों में जमानत नहीं मिलने के कारण इरफान अभी जेल में ही बने रहेंगे.
Also Read: भारतीय नौसेना: 19 पाकिस्तानी नाविकों को बचाया, 11 लुटेरे गिरफ्तार किए गए
जाजमऊ के दुर्गा विहार में निवासी विमल कुमार ने विधायक इरफान सोलंकी, बिल्डर हाजी वसी, शाहिद लारी और कमर आलम के खिलाफ जाजमऊ थाने में 25 दिसंबर 2022 को रंगदारी, वसूलने, धोखाधड़ी, और गाली-गलौज करने के आरोपों में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. विमल का आरोप है कि उसने जाजमऊ में 350 वर्ग गज जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए कब्जा लिया था.
Also Read: कड़ाके की ठंड और कोहरे से परेशान उत्तर भारत, 19 ट्रेनें लेट
इरफान की जमानत स्वीकार
तीसरी जमानत अर्जी के सुनवाई के दौरान, अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने तर्क दिया कि विवादित जमीन पर विमल ने तो एग्रीमेंट कर लिया था, लेकिन उसने उस पर कब्जा नहीं किया था. विमल ने जमीन के वास्तविक मालिक के खिलाफ एक दीवानी वाद कोर्ट में भी मुकदमा दाखिल किया है. शिर्फ अवैध वसूली के लिए ही विमल द्वारा रिपोर्ट दर्ज की गई है. एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने तर्क दिया कि विमल कुमार ने जमीन पर कब्जा किया और उसने बाउंड्रीवाल को गिरा दिया. रंगदारी की मांग की गई और गाली-गलौज भी की गई. दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद, कोर्ट ने पर्याप्त आधार पर इरफान की जमानत स्वीकार कर ली.


More Stories
Jio Platforms IPO Sets Global Record With Over 1 Crore Applications
Maharashtra Man Chased, Run Over and Beaten to Death on Busy Road; CCTV Captures Brutal Murder
Jio Platforms IPO में निवेशकों की भारी दिलचस्पी, तीसरे दिन सब्सक्रिप्शन 6 गुना के पार पहुंचा