भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष पीट हेगसेथ के बीच भारत-अमेरिका के रक्षा और रणनीतिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई. दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से आगामी 10 वर्षों के लिए एक नया रक्षा ढांचा तैयार करने पर सहमति जताई है.
यह निर्णय पेंटागन द्वारा बुधवार को जारी एक बयान में सामने आया है, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बीच हुई टेलीफोन वार्ता के एक दिन बाद जारी किया गया.
पेंटागन के बयान में कहा गया है, “सचिव हेगसेथ और मंत्री सिंह ने इस साल की उनकी अगली बैठक में अगले 10 साल के यूएस-भारत रक्षा ढांचे पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की है.”
यह डिफेंस फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करेगा और रीजनल सिक्योरिटी सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस सहयोग पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है, और यह नया 10 साल समझौता इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.
तेजस विमान के लिए इंजन की डिलीवरी तेज करने की मांग
साथ ही इस बातचीत के दौरान राजनाथ सिंह ने अमेरिका से तेजस लड़ाकू विमान में इस्तेमाल होने वाले जीई एफ 404 इंजन की डिलीवरी में तेजी लाने को कहा. इन इंजनों की देरी की वजह से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) भारतीय वायुसेना को तेजस मार्क-1ए विमान तय समय पर नहीं दे पाया है. इसके अलावा सिंह ने अमेरिका की जीई कंपनी और भारत की एचएएल के बीच एफ414 इंजन के संयुक्त निर्माण को लेकर समझौते को भी जल्दी पूरा करने की बात कही.
भारत को अहम रक्षा साझेदार मानता है अमेरिका
मामले में पेंटागन के बयान में कहा गया कि अमेरिका भारत को दक्षिण एशिया में अपना सबसे अहम रक्षा साझेदार मानता है. दोनों देशों ने रक्षा उपकरणों की बिक्री, रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग, और लॉजिस्टिक्स, प्रशिक्षण व संयुक्त सैन्य अभ्यास को बढ़ाने पर बातचीत की. दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय किए गए रक्षा लक्ष्यों की प्रगति की भी समीक्षा की. साथ ही इस सहयोग को और मजबूत करने की योजना पर भी बात की.


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