महाराष्ट्र के हेमंत सूर्यवंशी ने प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रति अपने गहरे सम्मान और स्नेह के चलते हेमंत सूर्यवंशी ने मध्य प्रदेश के उज्जैन से उत्तर प्रदेश के विश्रोहरपुर तक करीब 900 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। इस अनोखी पदयात्रा के बाद बृजभूषण शरण सिंह के बड़े बेटे और विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने उनका भव्य स्वागत किया। उनकी यह यात्रा अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
महाकाल के दर्शन से शुरू हुई आस्था की यात्रा
दरअसल, हेमंत सूर्यवंशी महाराष्ट्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 8 जनवरी को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के जन्मदिन के अवसर पर वे उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे थे। वहां उन्होंने दर्शन कर बृजभूषण शरण सिंह के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। इसके बाद, श्रद्धा और संकल्प के साथ उन्होंने पैदल ही गोंडा जिले के विश्रोहरपुर की ओर अपनी यात्रा शुरू की।
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रास्ते भर मिला सहयोग और सम्मान
यात्रा के दौरान हेमंत सूर्यवंशी अपने साथ लगातार पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की तस्वीर रखते रहे। उनका कहना है कि इसी तस्वीर के चलते उन्हें रास्ते भर लोगों का भरपूर सहयोग, सम्मान और अपनापन मिला। कई जगहों पर स्थानीय लोगों ने उनके ठहरने, भोजन और विश्राम की व्यवस्था की, जिससे उनकी यह लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा अपेक्षाकृत आसान हो सकी।
अंततः, करीब एक हजार किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर जब हेमंत सूर्यवंशी विश्रोहरपुर पहुंचे, तो वहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने उनका अभिनंदन करते हुए उनके समर्पण और भावनात्मक जुड़ाव की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में इस तरह की निष्ठा और श्रद्धा बहुत कम देखने को मिलती है।
कुल मिलाकर, हेमंत सूर्यवंशी की यह पदयात्रा प्रेम, विश्वास और आस्था का प्रतीक बनकर उभरी है। उनकी इस पहल ने यह संदेश दिया है कि सच्चा सम्मान और भावनात्मक लगाव किसी भी दूरी को छोटा बना सकता है। यही वजह है कि क्षेत्र में उनकी इस अनोखी यात्रा की हर ओर प्रशंसा हो रही है।
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