दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया है, जब AAP विधायक संजीव झा ने 7 और 9 मार्च को त्योहारों से जुड़े कार्यक्रमों के चलते सत्र को स्थगित करने का प्रस्ताव रखा था. यह प्रस्ताव सदन में मान्यता प्राप्त कर चुका है. इसके साथ ही, वित्त मंत्री आतिशी ने 2024-25 के लिए 76 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है.
सोमवार को वित्त मंत्री आतिशी ने 2024-25 का बजट पेश किया
15 फरवरी से शुरू होकर 2024 के लिए दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र बीत रहा है, जिसमें बीजेपी विधायकों ने हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन किया. इस समय के बीच, सोमवार को दिल्ली सरकार की वित्त मंत्री आतिशी ने 2024-25 का बजट पेश किया है. केजरीवाल सरकार ने इस सत्र के लिए कुल 76 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. बीजेपी के विधायकों के प्रदर्शन के बावजूद, सत्र में चर्चा और बजट पर विवाद जारी हैं.
7 भाजपा विधायकों को दिल्ली विधानसभा से अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया था
पहले, 7 भाजपा विधायकों को दिल्ली विधानसभा से अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद, विधायकों ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने 27 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और विधायकों का निलंबन रद्द कर दिया था.
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कोर्ट के सुनवाई के दौरान, बीजेपी विधायकों की ओर से पेश अधिवक्ता जयंत मेहता ने यह कहा था कि विशेषाधिकार समिति के समक्ष कार्यवाही के समापन तक निलंबन उचित नियमों का उल्लंघन है. वहीं, दिल्ली विधानसभा की ओर से पेश वकील सुधीर नंदराजोग ने याचिकाओं का विरोध किया और कहा कि विधायकों का निलंबन एक “आत्म-अनुशासन तंत्र” था.
विधायकों ने LG विनय कुमार सक्सेना को माफी का पत्र लिखा
हाँ, इससे पहले कोर्ट को बताया गया था कि विधायकों ने LG विनय कुमार सक्सेना को माफी का पत्र लिखा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया था. उन्होंने उस पत्र की कॉपी स्पीकर को ईमेल के जरिए भी भेजी थी. कोर्ट ने विधायकों को स्पीकर से मिलने के लिए भी कहा था. मामला हल नहीं होने के कारण, कोर्ट ने योग्यता के आधार पर याचिकाओं पर सुनवाई की थी.
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यह बताया जा चुका है कि दिल्ली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के कुल 8 विधायक हैं, जिनमें से नेता विपक्ष रामवीर सिंह विधूड़ी को छोड़कर बाकी सभी 7 विधायक – मोहन सिंह बिष्ट, अजय माहवार, ओपी शर्मा, अभय वर्मा, अनिल वाजपेयी, जितेंद्र महाजन, और विजेंद्र गुप्ता को 15 फरवरी को दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र में LG विनय सक्सेना के संबोधन के दौरान हंगामा करने के बाद, आरोप में 16 फरवरी को निलंबित कर दिया गया था. इसके बाद, इन विधायकों ने अपने निलंबन को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.


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