March 7, 2026

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बिहार चुनाव

बिहार चुनाव: निर्वाचन आयोग ने धनबल पर कसी लगाम तीन दिनों में 33.97 करोड़ रुपये जब्त

बिहार चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने पैसों के दुरुपयोग और अन्य अनैतिक तरीकों पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कहा है कि उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन, शराब, नशीले पदार्थ और मुफ्त सामग्री के इस्तेमाल की कोई अनुमति नहीं दी जाएगी। चुनाव की घोषणा के तीन दिनों में ही विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 33.97 करोड़ रुपये की नकदी, शराब और मुफ्त सामग्री जब्त की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है ताकि सभी मतदाता स्वतंत्र रूप से अपने मत का प्रयोग कर सकें।

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बिहार चुनाव में आयोग की सख्त निगरानी

चुनाव आयोग ने सभी निर्वाचन क्षेत्रों में व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं, जो उम्मीदवारों के खर्च और गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। आयोग ने सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे उड़न दस्ते, वीडियो निगरानी दल और स्थानीय निगरानी टीम के माध्यम से 24 घंटे सतर्क रहें। इन टीमों का काम यह सुनिश्चित करना है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास या प्रलोभन को तुरंत रोका जाए। आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों के खर्च पर पैनी नजर रखने के लिए व्यय पर्यवेक्षक पहले ही अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं और सभी दलों के साथ समन्वय कर काम कर रहे हैं।

चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 33.97 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, नशीले पदार्थ और मुफ्त सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई मतदाताओं को किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित होने से रोकने के लिए की गई है। आयोग ने यह भी कहा कि सभी व्यय पर्यवेक्षक चुनावी गतिविधियों की निगरानी के दौरान टीमों से नियमित रूप से मिलेंगे और किसी भी संदिग्ध मामले की रिपोर्ट तुरंत करेंगे। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि बिहार चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुसार संपन्न हो।

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राजनीतिक दलों का सीट बंटवारा और मुकाबला

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा कर दिया है। भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि लोजपा 29 सीटों पर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा छह और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा छह सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेंगे। एनडीए का मुकाबला तेजस्वी यादव की अगुआई वाले इंडिया ब्लॉक, कांग्रेस, सीपीआई (एमएल), सीपीआई, सीपीएम और विकासशील इंसान पार्टी से होगा। सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार कर चुके हैं और उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं।

इस बार बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी, जन सुराज पार्टी, ने भी चुनावी मैदान में एंट्री ली है, जो राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा रही है। चुनाव आयोग की सख्ती के बीच सभी दल अपनी रणनीति को मजबूत करने में लगे हैं और उम्मीदवारों को चयनित करने के साथ-साथ अभियान चलाने के लिए पूरी तैयारी कर रहे हैं। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव निष्पक्ष रूप से संपन्न हो और मतदाता किसी भी प्रकार के प्रलोभन या दबाव से प्रभावित न हों। इस तरह की निगरानी और जब्ती से बिहार चुनाव में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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