Bomb Threat की सूचना के बाद बिहार की राजधानी पटना में स्थित विधानसभा परिसर अचानक सुरक्षा एजेंसियों के केंद्र में आ गया, जब संस्थान को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। इस धमकी ने प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र को तुरंत सक्रिय कर दिया, जिसके बाद पूरे परिसर में व्यापक सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि धमकी एक ई-मेल के माध्यम से भेजी गई थी, जिसकी पुष्टि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस ई-मेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं और मामले की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है।
घटना के सामने आते ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया तथा विधानसभा परिसर के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने परिसर में आने-जाने वाले लोगों की कड़ी जांच शुरू कर दी ताकि किसी भी संभावित खतरे को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित एजेंसियां सतर्क और सक्रिय हैं।
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Bomb Threat के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
धमकी की सूचना मिलने के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने तुरंत इस मामले पर संज्ञान लिया और सभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान उन्होंने प्रभारी सचिव ख्याति सिंह को निर्देश दिया कि वह इस घटना की जानकारी राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक तक तत्काल पहुंचाएं तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से पूरे परिसर की तत्काल जांच सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा परिसर की व्यापक तलाशी शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान हर संभावित स्थान की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।
विधानसभा परिसर में व्यापक सर्च ऑपरेशन
धमकी के बाद Bomb स्क्वायड और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमों को तुरंत मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने पूरे परिसर में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों ने चप्पे-चप्पे की जांच करते हुए मेटल डिटेक्टर और अन्य उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल किया ताकि किसी भी संभावित विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों, कार्यालयों और आसपास के क्षेत्रों की भी सावधानीपूर्वक तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया जाता है क्योंकि इससे सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले महाराष्ट्र विधान भवन और मुंबई के कुछ प्रमुख स्थानों को भी ई-मेल के जरिए मिसाइल और बम हमलों की धमकी मिली थी। उस मामले में भी सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तलाशी अभियान चलाया था, हालांकि बाद में जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। फिलहाल बिहार विधानसभा मामले में जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत का पता लगाने और धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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