March 7, 2026

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अमित शाह

अमित शाह आज डेहरी, बेगूसराय में 2400 नेताओं से करेंगे बातचीत, बिहार जीत के लिए BJP बनाएगा ‘पंचतंत्र’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार के दौरे पर हैं, जहां उनका मुख्य लक्ष्य विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूती देना है। शाह डेहरी और बेगूसराय में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और संगठन की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना और चुनावी योजना को अंतिम रूप देना है। बीजेपी ने इस बार जीत के लिए ‘पंचतंत्र’ नामक रणनीति तैयार की है, जिसके तहत राज्य को पांच अलग-अलग जोनों में विभाजित किया गया है। शाह इन बैठकों में स्थानीय नेताओं से सीधा फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी जमीनी स्तर पर कितनी मजबूत है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।

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अमित शाह की बैठकें और रणनीति

अमित शाह आज दो बड़ी चुनावी बैठकों में शामिल होंगे, जिनमें लगभग 2400 नेता और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। सुबह 11 बजे उनकी पहली बैठक डेहरी-ऑन-सोन में होगी, जहां रोहतास, कैमूर, आरा, बक्सर, गया और आसपास के जिलों के नेता मौजूद रहेंगे। दोपहर बाद शाह बेगूसराय पहुंचेंगे और वहां पटना, नालंदा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, खगड़िया और अन्य जिलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य और पदाधिकारी शामिल होंगे। शाह नेताओं से संभावित प्रत्याशियों पर चर्चा करेंगे, चुनावी समीकरण का आकलन करेंगे और कमज़ोर इलाकों की पहचान करेंगे। इन बैठकों से यह भी तय होगा कि सीट-बंटवारे और प्रचार अभियान की दिशा कैसी होगी और संगठन किस तरह मतदाताओं तक पहुंचेगा।

बीजेपी ने बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए विशेष ‘पंचतंत्र’ रणनीति तैयार की है, जिसमें पूरे राज्य को पांच जोनों में बांटा गया है। शाह इसी योजना के तहत अलग-अलग जोनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं। इसके साथ ही, बीजेपी ने 18 से 24 सितंबर तक ‘घर-घर संपर्क अभियान’ शुरू करने का फैसला लिया है। इस अभियान में बूथ-स्तर के कार्यकर्ता और नेता सीधे आम लोगों तक पहुंचकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे। शाह चाहते हैं कि पार्टी कार्यकर्ता केवल प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि लोगों से व्यक्तिगत जुड़ाव भी बनाएँ। इस अभियान के जरिए बीजेपी अपनी नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुँचाने के साथ-साथ विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देने की रणनीति भी अपनाएगी।

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कार्यकर्ताओं का मनोबल और NDA की रणनीति

अमित शाह अपनी बैठकों के दौरान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर देंगे। उनका मानना है कि चुनाव जीतने के लिए कार्यकर्ताओं का उत्साह और एकजुटता सबसे बड़ी ताकत है। वह नेताओं और पदाधिकारियों से यह भी जानेंगे कि किन क्षेत्रों में पार्टी मजबूत है और किन जगहों पर संगठन को और मेहनत करनी होगी। इसके अलावा, बैठकों में सीट-बंटवारे की संभावनाओं, प्रचार अभियानों की रूपरेखा और एनडीए सहयोगी दलों के साथ तालमेल पर चर्चा होगी। शाह यह भी सुनिश्चित करेंगे कि एनडीए इस बार चुनाव में एकजुट होकर लड़े और किसी तरह का आंतरिक विवाद न हो। अगर सहयोगियों के बीच असहमति हुई, तो इसका सीधा फायदा विपक्षी INDIA गठबंधन को मिल सकता है।

इस दौरे के जरिए अमित शाह बिहार चुनाव के लिए पूरी रणनीति को जमीन पर उतारने की कोशिश कर रहे हैं। वह कार्यकर्ताओं को चुनावी मंत्र देंगे, जिससे वे आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ मैदान में उतरें। शाह साधु-संतों, धार्मिक नेताओं और एनडीए सहयोगियों से भी मुलाकात करेंगे, ताकि पार्टी और सहयोगी दलों के बीच तालमेल मजबूत हो। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्राओं से विपक्ष ने जनता के बीच कुछ असर बनाने की कोशिश की है। ऐसे में शाह की रणनीति होगी कि बीजेपी कार्यकर्ताओं को संगठित करके, एनडीए की एकजुटता बनाए रखकर और जनता से सीधा जुड़ाव करके माहौल को पूरी तरह पार्टी के पक्ष में किया जाए। उनका स्पष्ट लक्ष्य है कि किसी भी स्थिति में बिहार चुनाव में जीत हासिल की जाए और बीजेपी-एनडीए गठबंधन मजबूत होकर विधानसभा में पहुंचे।

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