ओवैसी ने नवनीत राणा के बयान का जवाब देते हुए कहा कि वे महाराष्ट्र से आकर सांसदों को रोकने का काम कर रहे हैं. वे ने कहा कि यह काम मुश्किल है, क्योंकि छोटे सालार का बेटा हैं और छोटे की सुनने की आदत नहीं है.
असदुद्दीन ओवैसी ने अमरावती से बीजेपी उम्मीदवार नवनीत राणा के ’15 सेकंड’ बयान पर फिर से तेज पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वे मोहतरमा (नवनीत राणा) छोटे (अकबरुद्दीन) को काफी समझा कर रखा हैं, क्या छोड़ दें? और अगर छोटे को एक बार छोड़ दिया तो वह मेरे अलावा किसी की नहीं सुनेगा. अब सिर्फ 2 दिन बचे हैं, क्या छोड़ दें.
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ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र से आकर सांसद छोटे-छोटे बोलती हैं. वे ने अपने जवाब में कहा कि वह छोटे को रोक कर रखा है, और उन्हें समझाने में काफी मुश्किल होती है. छोटा किसी की नहीं सुनता, और वह अपने बयान को लेकर मुर्गी के बच्चे की तरह आपत्ति जताता है, कि क्या 15 सेकंड चाहिए?
अकबरुद्दीन ओवैसी ने साल 2012 में एक विवादास्पद बयान दिया
ओवैसी ने पहले कहा था कि वह मोदीजी से 15 सेकंड नहीं, बल्कि 1 घंटा बात करने का मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं, और उन्हें देखना है कि मोदीजी में कितनी मानवता बाकी है. नवनीत राणा ने कहा था कि 15 सेकंड के लिए पुलिस को हटा दो, फिर ओवैसी भाइयों को पता नहीं लगेगा कि वे कहां से आए और किधर गए.
नवनीत राणा ने कहा था कि छोटा कहता है कि पुलिस को 15 मिनट के लिए हटा दो, तो हम दिखाएंगे क्या कर सकते हैं, छोटे को मेरा कहना है कि तुम्हें 15 मिनट लगेंगे, मगर हमको सिर्फ 15 सेकंड लगेंगे, 15 सेकंड के लिए पुलिस को हटाया तो छोटे (अकबरुद्दीन ओवैसी) और बड़े (असदुद्दीन ओवैसी) को पता नहीं चलेगा कहां से आए और कहां चले गए.
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अकबरुद्दीन ओवैसी ने साल 2012 में एक विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि 15 मिनट पुलिस को हटा लो, हम बता देंगे कि किसमें कितना दम है. हालांकि, इस मामले में कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है.


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