दिल्ली चुनाव परिणामों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए गए आरोपों पर अब BJP भी कड़ी प्रतिक्रिया दे रही है। BJP ने इन आरोपों के बारे में दिल्ली के उप-राज्यपाल (LG) को पत्र लिखकर शिकायत की है, जिस पर LG ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली के उप-राज्यपाल ने इस मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी है। खबरों के मुताबिक, ACB की टीम इस मामले में आम आदमी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से पूछताछ करने की योजना बना रही है। वहीं, आम आदमी पार्टी भी अब ACB के पास जाकर बीजेपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का मन बना रही है।
Also Read: दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों में बम की सूचना, पुलिस जांच में जुटी
LG ने प्रमुख सचिव को दिए आदेश
विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों के बीच, दिल्ली के उप-राज्यपाल के प्रमुख सचिव ने ACB को जांच के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा है, जिससे यह साफ होता है कि LG इस मामले में सक्रिय रूप से कदम उठा रहे हैं। कहा जा रहा है कि ACB की एक विशेष टीम जल्द ही इन आरोपों की जांच के तहत आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और सांसद संजय सिंह से पूछताछ कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, ACB की टीम केजरीवाल से पूछताछ के लिए निकल चुकी है। वहीं, AAP नेता संजय सिंह ने कहा है कि यदि ACB की टीम उनसे पूछताछ करने आए, तो उससे पहले वे खुद ACB दफ्तर जाएंगे।
BJP ने लिखा था LG को पत्र
गुरुवार को अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद, दिल्ली बीजेपी ने शुक्रवार को उप-राज्यपाल को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी। बीजेपी ने इस पत्र में कहा कि केजरीवाल द्वारा दिल्ली बीजेपी पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं, और उनका उद्देश्य बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाना, मतदान के बाद दिल्ली में डर और अशांति फैलाना था।
अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को ‘एक्स’ पर दावा किया कि AAP के 16 उम्मीदवारों को बीजेपी ने मंत्री पद और पार्टी बदलने के बदले 15-15 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ एजेंसियां यह दिखा रही हैं कि बीजेपी को 55 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं। केजरीवाल के मुताबिक, पिछले दो घंटे में उनके उम्मीदवारों को फोन आए, जिसमें उन्हें ‘आप’ छोड़कर बीजेपी में शामिल होने और मंत्री बनने का ऑफर दिया गया था, साथ ही हर एक को 15 करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी को इतनी सीटें मिल रही हैं, तो उम्मीदवारों को फोन करने की जरूरत क्यों पड़ी? उनका आरोप है कि ये फर्जी सर्वे करवाए गए हैं, ताकि माहौल बनाकर कुछ उम्मीदवारों को तोड़ा जा सके, लेकिन उनका एक भी उम्मीदवार नहीं टूटेगा।
Also Read : दिल्ली मेट्रो अलर्ट: इस लाइन पर ट्रेन देरी से – DMRC


More Stories
Two Lok Sabha MPs Refuse Salary: Meet the Lawmakers Who Decline Pay
IT कंपनियों पर बढ़ सकते हैं साइबर हमले NASSCOM ने सुरक्षा बढ़ाने की दी सलाह
US-Iran conflict impact: Market turmoil and protests in Parliament