भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन, एआई इम्पैक्ट समिट और ब्रिक्स बैठकों से वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ेगी पकड़
भारत इस वर्ष अपनी विदेश नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहा है। सरकार ने साल की शुरुआत गणतंत्र दिवस पर भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से करने की योजना बनाई है, जिसमें यूरोपीय देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए भी अहम माना जा रहा है।
फरवरी में प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट समिट भारत को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में ग्लोबल साउथ के लिए अपना एजेंडा तय करने का मौका देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नेतृत्व को लेकर चीन और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
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ग्लोबल साउथ में नेतृत्व बढ़ाने और जियो-पॉलिटिकल संतुलन प्रभावित करने का मिलेगा अवसर
भारत इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेज़बानी भी करेगा, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं के समूह में उसका प्रभाव और बढ़ेगा। इसके अलावा, दिल्ली में भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन आयोजित होने की संभावना है, जो भारत-अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देगा।
राजनयिक सूत्रों ने कहा कि 2026 में होने वाले ये सभी सम्मेलन और बैठकें भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को मजबूत करेंगी और बदलते जियो-पॉलिटिकल परिदृश्य में भारत को एक प्रमुख नेतृत्वकारी शक्ति के रूप में स्थापित करेंगी।


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