केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस विधेयक को केवल दिखावे का प्रयास बताते हुए कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार नहीं होगा। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी रोक लगाने में नाकाम रही हैं। उनका कहना था कि केवल संशोधन लाने से व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि इसके लिए सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।
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लोकसभा में बिल पर गरमाई बहस, एनटीए की कार्रवाई, जमानत और प्रदर्शन पर उठाए सवाल
इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 2024 में बनाए गए कानून को और मजबूत करने के लिए यह संशोधन लाया गया है। उन्होंने 2009 के रेलवे भर्ती और 2012 की एम्स प्रवेश परीक्षा पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने केंद्रीय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के सुझावों पर अमल नहीं किया, जबकि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) का गठन किया और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए कानून लागू किया। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
बहस के दौरान गौरव गोगोई ने 2024 नीट पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए दावा किया कि चार्जशीट में शामिल 46 आरोपियों में से 44 को जमानत मिल चुकी है। उन्होंने कथित मास्टरमाइंड संजीव मुखिया और अमित कुमार बरुआ का नाम लेते हुए कहा कि ऐसे मामलों में आरोपियों का जमानत पर बाहर आना कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। गोगोई ने कहा कि यदि आरोपी आसानी से राहत पा रहे हैं तो यह कानून अपने उद्देश्य को पूरा करने में विफल साबित होगा।
जमानत, एनटीए और प्रदर्शन पर सरकार से मांगा जवाब
कांग्रेस सांसद ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब एजेंसी में स्वीकृत पदों की संख्या 37 थी तो सरकार ने 47 लोगों पर कार्रवाई कैसे की। गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजी सुधार दिखा रही है, जबकि परीक्षा व्यवस्था की मूल समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि यह संशोधन वास्तविक बदलाव लाने के बजाय केवल औपचारिकता साबित होगा।
अपने भाषण के दौरान गौरव गोगोई ने छात्र आंदोलनों और पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग, पैलेट गन के इस्तेमाल और पुलिस की सख्ती का जिक्र करते हुए गृह मंत्री से जवाब मांगा। गोगोई ने कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाई, लेकिन सरकार ने आंदोलन को दबाने की कोशिश की। वहीं विपक्ष की मांग पर एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा का समय छह घंटे से बढ़ाकर दस घंटे कर दिया गया, जिस पर सरकार ने भी सहमति जताई।


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