मिजोरम के लॉन्ग्टलाई जिले के पंगखुआ गांव में राज्य की सबसे बुजुर्ग महिला मानी जाने वाली फेमियांगी का मंगलवार, 23 जुलाई 2025 की सुबह 7 बजे उनके आवास पर 117 वर्ष की आयु में शांतिपूर्वक निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
असाधारण जीवन और सामाजिक योगदान
फेमियांगी अपने बेहतर स्वास्थ्य और जीवंतता के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने 2023 के मिजोरम विधानसभा चुनावों में भी भाग लिया था, और उन्हें मतदान के लिए राज्य चुनाव आयोग की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
स्थानीय अभिलेखों के अनुसार, फेमियांगी का जन्म 1908 में हुआथमंग और सुइसुंग के घर हुआ था। उनका विवाह हीनावना से हुआ था, और उनके आठ संतानें थीं। वे अपने पीछे 51 पोते-पोतियों, 122 परपोते-परपोतियों और 22 पर-परपोते-परपोतियों का विस्तृत परिवार छोड़ गईं।
भारत के ऐतिहासिक बदलावों की साक्षी
फेमियांगी ने औपनिवेशिक शासन से लेकर आधुनिक भारत तक के कई सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन देखे। वे एक शताब्दी से भी अधिक समय तक जीवित रहीं, जिससे उनका जीवन एक सदी की गवाही बन गया।
दुनिया के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह का निधन
कुछ ही दिन पहले, दुनिया के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक फौजा सिंह की हिट एंड रन हादसे में मृत्यु हो गई। घटना 15 जुलाई को उस समय घटी जब वे पंजाब के ब्यास गांव में सड़क पार कर रहे थे। उनकी उम्र 114 वर्ष थी।
उन्होंने 89 वर्ष की आयु में दौड़ना शुरू किया और कई अंतर्राष्ट्रीय मैराथनों में भाग लिया। फौजा सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया, और अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर काँच के ताबूत में रखा गया था।


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