पश्चिम बंगाल में मतदाताओं से जुड़े मामलों की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। राज्य की मतदाता सूची से 91 लाख से अधिक लोगों के नाम बाहर किए जाने का अनुमान सामने आया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार अब तक 90,83,345 नाम हटाए जा चुके हैं, जिनमें मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जिलों में सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई है।
Also Read: Sam Altman ने कहा, अपने बच्चे को मोबाइल या iPad नहीं दूंगा
ECI ने बताया, अंतिम आंकड़ा अभी जारी होना बाकी
ECI ने स्पष्ट किया है कि अंतिम आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ है, क्योंकि कुछ मामलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया बाकी है। आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, कुल मामलों में से केवल एक छोटा हिस्सा ही अभी लंबित है। वहीं, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के अनुसार, अधिकांश मामलों की जांच और निर्णय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, न्यायिक निर्णय के लिए कुल 60,06,675 मामलों को भेजा गया था। इनमें से 59,84,512 मामलों पर निर्णय हो चुका है और संबंधित अधिकारियों ने ई-हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। इन मामलों में से 27,16,393 मतदाताओं को अयोग्य मानते हुए उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिससे कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर 90,83,345 हो गई है।
गौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58,20,899 नाम हटाए गए थे, जबकि 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 63,66,952 हो गई। अब ताजा प्रक्रिया के बाद यह आंकड़ा और अधिक बढ़ गया है।
Also Read: सिर्फ 7 दिन में 100% चढ़ा शेयर, IPL टीम की मालिक कंपनी चर्चा में


More Stories
पीएम मोदी ने एकतानगर को दी Rs 400 करोड़ की सौगात, कई पर्यटन परियोजनाओं का किया उद्घाटन
Missing Indian-Origin Woman Found Dead in California Canal After Two Months
Maharashtra Suspends Four FDA Officials Over Lapses in Hookah Tobacco Regulation