भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार डेटाबेस की शुद्धता बनाए रखने और संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। UIDAI ने देशभर में 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर निष्क्रिय (डिलीट) कर दिए हैं। सरकार ने लोकसभा में बताया कि ये आधार नंबर उन व्यक्तियों के थे जिनका निधन हो चुका है और इनके सक्रिय रहने से पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी या कल्याणकारी योजनाओं के गलत इस्तेमाल की आशंका बनी रहती थी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसमें वर्तमान में लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक पंजीकृत हैं। उन्होंने बताया कि आधार डेटाबेस की लगातार सटीकता और विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से UIDAI देशव्यापी स्तर पर अभियान चला रहा है। इसी अभियान के तहत अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय किए जा चुके हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार नंबर को डीएक्टिवेट करना बेहद जरूरी है, ताकि उसकी पहचान का अनधिकृत उपयोग न हो सके। यदि ऐसा न किया जाए तो आधार नंबर का इस्तेमाल फर्जी पहचान, वित्तीय धोखाधड़ी या सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का गलत लाभ उठाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि सरकार बार-बार यह दोहराती रही है कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि केवल पहचान का एक दस्तावेज है, लेकिन मौजूदा समय में यह लगभग सभी सरकारी और कई गैर-सरकारी सेवाओं के लिए अनिवार्य हो गया है। ऐसे में आधार की सुरक्षा और सही रिकॉर्ड बनाए रखना अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
मृत व्यक्तियों के आधार(UIDAI) निष्क्रिय कर दुरुपयोग पर रोक, लोकसभा में सरकार का खुलासा
आधार को अधिक सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में UIDAI ने हाल ही में नया आधार ऐप भी लॉन्च किया है। यह ऐप 28 जनवरी को पेश किया गया, जो मौजूदा mAadhaar ऐप से पूरी तरह अलग है और इसमें कई नए व उन्नत फीचर्स जोड़े गए हैं। नए आधार ऐप में एक से अधिक प्रोफाइल जोड़ने की सुविधा दी गई है, जिससे एक ही मोबाइल नंबर के जरिए परिवार के पांच अन्य सदस्यों तक के आधार प्रोफाइल को मैनेज किया जा सकता है।
इस ऐप के जरिए यूजर्स घर बैठे आधार से जुड़े कई काम कर सकेंगे, जैसे मोबाइल नंबर अपडेट करना, बिना आधार केंद्र जाए जानकारी प्रबंधित करना और बायोमेट्रिक लॉक जैसे सुरक्षा विकल्पों का इस्तेमाल करना। UIDAI ने इसमें एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए हैं, जिनमें QR कोड आधारित वेरिफिकेशन भी है। इसके तहत न तो फिजिकल आधार कार्ड दिखाने की जरूरत होगी और न ही कोई अन्य व्यक्ति आपके आधार विवरण तक अनधिकृत पहुंच बना सकेगा।
इसके अलावा, नया आधार ऐप सिम-बाइंडिंग तकनीक पर काम करता है, यानी जिस मोबाइल नंबर से आधार लिंक है, उसी नंबर से ऐप को रजिस्टर किया जा सकेगा। यदि फोन में कोई दूसरा सिम कार्ड इस्तेमाल किया गया तो ऐप काम नहीं करेगा, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो जाती है। UIDAI ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस ऐप के जरिए नाम और ई-मेल आईडी बदलने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
कुल मिलाकर, मृत व्यक्तियों के आधार नंबर निष्क्रिय करने से लेकर नया आधार ऐप लॉन्च करने तक, UIDAI के ये कदम आधार प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी पर मनजिंदर सिंह सिरसा का तंज, बजट पर भी साधा निशाना


More Stories
स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत, CCTV में कैद हुआ दर्दनाक हादसा
India’s Metro Network Expands From 248 Km to 1,200 Km in 12 Years: PM Modi
High Court Criticises ‘Loose Comments’ on Dia Mirza’s Diwali Ad, Directs BMC to Restore Video