तिरुमला स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर के पास कुल 2.5 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जो सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो (Wipro), खाद्य एवं पेय पदार्थ कंपनी नेस्ले (nestle) तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम ओएनजीसी (ONGC) और इंडियन ऑयल (आईओसी) (Indian Oil – IOC) की बाजार पूंजी से भी अधिक है। भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित तिरुपति मंदिर के प्रबंधक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने 1933 में अपनी स्थापना के बाद से पहली बार अपनी कुल संपत्ति घोषित की है।
10.3 टन सोना
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के मुताबिक, मंदिर का करीब 5,300 करोड़ मूल्य का 10.3 टन सोना और 15,938 करोड़ नकद राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा है। टीटीडी की सावधि जमा जून 2019 में 13,025 करोड़ के मुकाबले 30 सितंबर 2022 को बढ़कर 15,938 करोड़ पार कर गई जोकि एक रिकॉर्ड वृद्धि है। वही देवस्थानम द्वारा बैंकों में जमा किया गया सोना भी 2019 में 7.3 टन के मुकाबले 30 सितंबर, 2022 तक 10.25 टन हो गया है।
दिग्गज कंपनियां मंदिर न्यास की संपत्ति से काफी पीछे
राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड की बाजार पूंजी इस मंदिर की संपत्ति से कम है। महिंद्र एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स और विश्व की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड, खनन कंपनी वेदांता, रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ तथा कई अन्य कंपनियां भी सूची में शामिल हैं। सिर्फ दो दर्जन कंपनियों की बाजार पूंजी मंदिर के न्यास की संपत्ति से अधिक है। इनमें रिलायंस इंड्रस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस व अन्य शामिल हैं।
आईओसी की पूंजी मंदिर न्यास से कम
स्टॉक एक्सचेंज डेटा के अनुसार, तिरुपति मंदिर की संपत्ति कई ब्लूचिप (बहुराष्ट्रीय कंपनी) भारतीय कंपनियों से अधिक है। नेस्ले की भारतीय इकाई की बाजार पूंजी 1.96 लाख करोड़ रुपये है। ओएनजीसी और आईओसी की बाजार पूंजी भी मंदिर के न्यास से कम है।
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