घरेलू शेयर बाजार और सेंसेक्स हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुरुआत से ही दबाव में रहे। शुक्रवार सुबह बाजार लाल निशान पर खुला और निवेशकों की भावनाएं शुरुआती कारोबार में कमजोर दिखीं। सेंसेक्स शुरुआती सत्र में 264.36 अंक टूटकर 82,749.60 पर कारोबार करता नजर आया। निफ्टी भी 65 अंकों की गिरावट के साथ 25,358.60 पर फिसल गया और निवेशकों को निराश किया। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन आई इस गिरावट ने तीन दिन की तेजी को पूरी तरह रोक दिया। विशेषज्ञों ने साफ कहा कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और सतर्क निवेश रणनीति इसके पीछे मुख्य कारण रहे।
शुरुआती कारोबार, शेयर बाजार और सेंसेक्स की चाल
शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोरी के साथ कारोबार शुरू किया और प्रमुख सेक्टर्स पर दबाव दिखा। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग और आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। धातु और एफएमसीजी सेक्टर भी लाल निशान में रहे और निवेशकों की चिंता और बढ़ी। हालांकि, ऑटो और फार्मा सेक्टर के कुछ शेयर मजबूती दिखाकर गिरावट को थोड़ा संभालने में सफल रहे। बाजार जानकारों ने बताया कि निवेशक फिलहाल विदेशी संकेतों और घरेलू अनिश्चितताओं को देखते हुए सतर्क रुख अपना रहे हैं। इस वजह से शुरुआती सत्र में बिकवाली का दबाव साफ तौर पर हावी रहा।
शुक्रवार के सत्र में सबसे बड़ी हलचल अदाणी समूह के शेयरों में देखने को मिली। सेबी ने हिंडनबर्ग मामले में समूह को क्लीन चिट दी, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा। इसके बाद अदाणी समूह के लगभग सभी शेयरों में तेजी दर्ज की गई और बाजार में रौनक दिखी। अदाणी टोटल गैस के शेयरों में 13.27% की बड़ी छलांग लगाई, जिसने निवेशकों को उत्साहित किया। अदाणी पावर ने 8.89% की मजबूती दिखाई, जबकि अदाणी ग्रीन एनर्जी 5.45% चढ़ा। अदाणी एंटरप्राइजेज भी 5.23% उछलकर हरे निशान पर पहुंचा और समूह की मजबूती का संकेत दिया। सुबह के कारोबार में अदाणी समूह की सभी कंपनियों ने हरे निशान पर मजबूती दिखाई।
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सेंसेक्स कंपनियों और सेक्टरवार स्थिति
सेंसेक्स समूह की कई प्रमुख कंपनियों को शुक्रवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा और बाजार दबाव में आया। टीसीएस, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचसीएल टेक सबसे कमजोर शेयरों में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट ने सूचकांक पर सीधा असर डाला और सेंसेक्स को नीचे खींचा। दूसरी ओर, अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो और एनटीपीसी जैसे शेयरों में मजबूती रही। इन कंपनियों ने बाजार को आंशिक सहारा दिया, लेकिन समग्र माहौल कमजोरी का ही रहा। गुरुवार को सेंसेक्स 320.25 अंक चढ़कर 83,013.96 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 93.35 अंक बढ़कर 25,423.60 पर बंद हुआ। इसलिए निवेशकों को शुक्रवार को तेजी की उम्मीद थी, लेकिन गिरावट ने उन्हें निराश किया।
विदेशी बाजारों के मिले-जुले संकेतों ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की चाल पर असर डाला। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। इसके विपरीत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट में कारोबार करते रहे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे, जिससे भारतीय निवेशकों को उम्मीद बंधी थी। लेकिन घरेलू स्तर पर मिले नकारात्मक संकेत और विदेशी दबावों ने शुरुआती सत्र में बिकवाली को बढ़ा दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और जोखिम उठाने से परहेज किया।
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