संसद ने हाल ही में अपने शीतकालीन सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच काफी तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र समापन पर परंपरागत चाय बैठक का आयोजन किया है। लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष से प्रधानमंत्री मोदी और राजनाथ सिंह की एक तस्वीर सामने आई। वायनाड से पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी भी इस खास बैठक में शामिल हुईं। समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव ने भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में अपना हिस्सा लिया। एनसीपी नेता सुप्रिया सुले और डी राजा ने अन्य नेताओं के साथ समय व्यतीत किया।
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संसद सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है
पिछली बार राहुल गांधी ने मॉनसून सत्र की चाय बैठक का पूरी तरह बहिष्कार किया था। इस बार प्रियंका गांधी ने बैठक में शामिल होकर पुरानी संसदीय परंपरा का पालन किया है। आयोजकों ने प्रियंका गांधी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ठीक बगल वाली सीट दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बैठक में प्रियंका गांधी के बिल्कुल पास वाली सीट पर बैठे थे। प्रियंका गांधी ने रक्षा मंत्री के साथ बैठकर बहुत ही सहजता से चाय का आनंद लिया। बैठक के दौरान लगभग पूरा विपक्ष मौजूद रहा जिसने लोकतांत्रिक शिष्टाचार की अच्छी मिसाल पेश की। अगस्त दो हजार पच्चीस में विपक्ष के नेता इस परंपरागत चाय बैठक में शामिल नहीं हुए। प्रधानमंत्री ने उस समय कांग्रेस पार्टी के भीतर व्याप्त पारिवारिक असुरक्षा पर कड़ा प्रहार किया था।
सत्ता और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी ने हमारी महान लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूती दी है। सभी नेताओं ने दिखाया कि वैचारिक मतभेद के बावजूद आपसी सम्मान बना रहना बहुत जरूरी है। प्रियंका गांधी ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से समय न मिलने की सार्वजनिक शिकायत की। गडकरी ने तुरंत जवाब दिया कि प्रियंका प्रश्नकाल के बाद उनके कार्यालय में मिल सकती हैं। बाद में प्रियंका गांधी गडकरी के कार्यालय पहुंचीं जहाँ मंत्री जी ने उन्हें भोजन भी कराया।
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