साल 2023 में पंजाब में भारी बारिश हुई। इसके तुरंत बाद सतलुज नदी में तेज बाढ़ आ गई। परिणामस्वरूप किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसी बीच तीन युवक ट्रैक्टर बचाने निकले। लेकिन तभी नदी के तेज बहाव ने उन्हें बहा दिया। आखिरकार इस तरह वे बहते हुए पाकिस्तान पहुंच गए।
वहां सबसे पहले स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। शुरुआत में अधिकारियों ने सख्त पूछताछ की। साथ ही प्रारंभिक दौर में उन पर शक भी किया गया। हालांकि कुछ समय बाद सच्चाई स्पष्ट हो गई। तब जाकर अधिकारियों ने सख्ती पूरी तरह बंद कर दी। इसके पश्चात प्रशासन ने उन्हें कसूर जेल भेजा। फिर बाद में उन्हें लाहौर जेल स्थानांतरित किया गया। इस दौरान वहां उन्होंने गहरा मानसिक तनाव सहा। करीब पंद्रह महीने बाद अंततः घर पर बात हुई। इसी बीच उन्हें पिता की मृत्यु का पता चला। फिर भी इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत बनाए रखी।
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सालों जैसा लगा एक साल, जेल में बीते कठिन दिन
इस बीच परिवारों ने अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। साथ ही धार्मिक स्थलों पर अरदास की। इधर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। उधर घर की हालत बिगड़ती गई। फिर भी परिवारों ने उम्मीद रखी। आखिरकार एक दिन रिहाई की सूचना मिली। यह खबर सुनकर तीनों भावुक हो गए। इसके बाद उन्हें भारत भेज दिया गया। घर लौटते ही खुशी फैल गई। अब वे नई शुरुआत करना चाहते हैं। हालांकि मामले का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
इसके बाद गांव में उनका गर्मजोशी से स्वागत हुआ। तत्पश्चात परिवार और रिश्तेदार उनसे मिलने पहुंचे। साथ ही गांववालों ने राहत की सांस ली। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव लोगों के साथ साझा किए। अब वे धीरे धीरे सामान्य जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। इसी उम्मीद के साथ आगे वे भविष्य की योजना बना रहे हैं।
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