रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्यसभा के लिए दोबारा अवसर देने पर उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल उनके राजनीतिक दायित्वों को मजबूत करता है, बल्कि उन्हें देश के वंचित और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। आठवले ने स्पष्ट किया कि वे इस जिम्मेदारी का उपयोग सामाजिक न्याय और समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए करेंगे।
मुलाकात के दौरान आठवले ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को देशभर में अधिक मजबूती से लागू करने का संकल्प रखते हैं। उनकी बातचीत का मुख्य विषय यह रहा कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ हाशिये पर खड़े लोगों तक सीधे पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार की नीतियों ने देश के सामाजिक ढांचे में सकारात्मक और ठोस बदलाव किए हैं।
आठवले ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि आरपीआई (A) लगातार समावेशी विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही है और वे व्यक्तिगत रूप से भी वंचित वर्गों के हितों को आगे बढ़ाने के लिए कई पहलें कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे भाजपा के साथ मिलकर अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए और अधिक प्रभावी नीतियां बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार और उनकी पार्टी मिलकर समाज के हर तबके को समान अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण काम कर सकती हैं।
Also Read : जंग के बीच ‘मेगा स्टॉर्म’ अलर्ट, तबाही का खतरा
आठवले ने SC–OBC छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने पर जोर दिया
इस दौरान आठवले ने अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाने का मुद्दा विशेष रूप से उठाया। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता में वृद्धि से इन वर्गों के युवाओं को उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में ज्यादा अवसर खुलेंगे। आठवले ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि छात्रवृत्ति योजनाओं को और मजबूत बनाया जाए ताकि गरीब और वंचित परिवारों के बच्चे आर्थिक बाधाओं के कारण अपनी शिक्षा अधूरी न छोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा में निवेश देश के भविष्य को सुरक्षित करता है।
चर्चा के दौरान आठवले ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आंबेडकर के सिद्धांत—शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय—भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि वे आंबेडकर की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारने को अपना कर्तव्य मानते हैं और समाज में समान अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंबेडकर के आदर्शों को लागू कर ही भारत एक मजबूत और न्यायपूर्ण राष्ट्र बन सकता है।
अंत में आठवले ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में सामाजिक न्याय, शिक्षा के अवसरों का विस्तार और वंचित वर्गों का सशक्तिकरण और भी गति से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू की गई नीतियाँ समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाने में सफल रही हैं। आठवले ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस सहयोग से ऐसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जो देश को अधिक समावेशी, न्यायपूर्ण और मजबूत दिशा की ओर लेकर जाएंगे।
Also Read : 48 साल बाद जगन्नाथ मंदिर में खजाने की खोज में RBI अधिकारी पहुंचे


More Stories
Delhi Heatwave Alert: Why You Feel Drained
पनडुब्बी प्लांट विजिट, जर्मनी से डील लेकर लौटे राजनाथ
ईरान को 3 दिन की मोहलत व्हाइट हाउस बोला- ट्रंप तय करेंगे जंग