प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तुमकुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर फैक्ट्री का उद्घाटन किया। मोदी ने कारखाने को राष्ट्र को समर्पित किया, और अपनी यात्रा के दौरान कई विकास पहलों की योजनाओं की घोषणा की।
एक महीने से भी कम समय में कर्नाटक के चुनावी राज्य की यह प्रधान मंत्री मोदी की तीसरी यात्रा होगी। उन्होंने 12 जनवरी को हुबली का दौरा किया था और राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन किया था। बाद में, 19 जनवरी को, उन्होंने यादगिरि और कालाबुरगी जिलों में एक रोड शो किया, जहाँ उन्होंने मतदाताओं को लुभाने के लिए विकास और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया, जिससे सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव जीतने में मदद मिली। इस दौरे को राज्य में बीजेपी की कोशिशों के ‘लॉन्चपैड’ के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी बेंगलुरु में ‘इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) 2023’ का उद्घाटन करेंगे जिसका आयोजन छह से आठ फरवरी तक होगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऊर्जा संक्रमण महाशक्ति के रूप में भारत की बढ़ती शक्ति को प्रदर्शित करना है। बता दें कि यह फैक्ट्री हर साल लगभग 30 हेलीकाप्टरों का निर्माण करेगी और इसे चरणबद्ध तरीके से 60 और फिर 90 प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। पहले एलयूएच का उड़ान परीक्षण किया जा चुका है। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और भारतीय मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) जैसे अन्य हेलीकॉप्टरों का निर्माण करने के लिए फैक्ट्री में वृद्धि की जाएगी।
2016 में रखी थी आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोपहर में तुमकुरु में जिस एचएएल हेलीकॉप्टर फैक्ट्री का उद्घाटन किया इसकी आधारशिला 2016 में प्रधानमंत्री ने ही रखी थी। यह एक समर्पित ग्रीनफील्ड हेलीकॉप्टर कारखाना है जो हेलीकॉप्टर बनाने की क्षमता और इसके अनुकूल तंत्र को बढ़ावा देगा। यह हेलीकॉप्टर फैक्ट्री एशिया की सबसे बड़ी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा है और शुरुआत में लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच) का उत्पादन करेगी। लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) और इंडियन मल्टीरोल हेलीकॉप्टर (आईएमआरएच) जैसे अन्य हेलीकॉप्टरों के निर्माण के साथ भविष्य में एलसीएच, एलयूएच, सिविल एएलएच एवं आईएमआरएच की मरम्मत के लिए फैक्ट्री का विस्तार किया जाएगा। फैक्ट्री में भविष्य में सिविल एलयूएच के निर्यात की भी संभावना है। इस केंद्र से भारत हेलीकॉप्टरों की अपनी संपूर्ण आवश्यकता को स्वदेशी रूप से पूरा करने में सक्षम बन जाएगा और हेलीकॉप्टर डिजाइन, विकास और निर्माण में आत्मनिर्भरता का गौरव प्राप्त करेगा।


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