लोकसभा में सांसद वी. एस. माथेस्वरण ने फ्लाइट के अंदर बिना ईयरफोन के म्यूजिक बजाने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार से सवाल पूछा। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से यह जानना चाहा कि अब तक ऐसे यात्रियों पर क्या कार्रवाई की गई है और क्या सरकार इसके लिए कोई विशेष दंडात्मक प्रावधान लाने की योजना बना रही है। सांसद ने विमान के अंदर यात्रियों के व्यवहार को नियंत्रित करने के नियमों पर भी जानकारी मांगी।
माथेस्वरण ने यह भी पूछा कि क्या सरकार विमान के अंदर बिना ईयरफोन के म्यूजिक बजाने जैसे व्यवहार को रोकने के लिए नए नियम जोड़ने पर विचार कर रही है। उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का विवरण मांगा और यह भी पूछा कि क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और ब्लॉगर्स को विमान के अंदर वीडियो बनाने की अनुमति है।
इन सवालों का जवाब देते हुए नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि DGCA ने 1937 के विमान नियमों के तहत असभ्य यात्रियों के प्रबंधन के लिए सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि नियम 22, 23 और 29 के तहत विमान में अनुशासन भंग करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
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असभ्य यात्रियों पर सख्ती, IFE सुविधा उपलब्ध
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई यात्री विमान में अवैध या विघटनकारी व्यवहार करता है, क्रू मेंबर्स के काम में बाधा डालता है, या विमान, यात्रियों और संपत्ति की सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार से अन्य यात्रियों को असुविधा होती है, इसलिए एयरलाइंस को सख्त कदम उठाने का अधिकार है।मुरलीधर मोहोल ने यह भी बताया कि एयरलाइंस अपनी परिचालन प्रक्रिया के तहत यात्रियों को इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम के जरिए मनोरंजन सामग्री उपलब्ध कराती हैं।
बोर्डिंग और उतरने के दौरान हल्का सॉफ्ट म्यूजिक और उड़ान के दौरान प्री-लोडेड मनोरंजन कंटेंट यात्रियों को दिया जाता है ताकि यात्रा सुखद और शांतिपूर्ण रहे।उन्होंने आगे कहा कि 1937 के विमान नियमों के नियम 13 के तहत DGCA-लाइसेंस प्राप्त एरोड्रोम और विमान में उड़ान के दौरान बिना पूर्व लिखित अनुमति के फोटोग्राफी प्रतिबंधित है। इसका मतलब यह है कि विमान के अंदर फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग करने के लिए पहले अनुमति लेना जरूरी होता है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि विमान के अंदर अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है और कोई भी ऐसा व्यवहार जो यात्रा के दौरान शांति और सुरक्षा में बाधा डालता है, उस पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार और एयरलाइंस यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नियमों को लागू कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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