OPS देश में पेंशन व्यवस्था को लेकर चल रही बहस के बीच सरकार ने संसद में एक बार फिर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी OPS के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी OPS के तहत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। राज्यसभा में दिए गए जवाब में सरकार ने बताया कि वर्तमान समय में लगभग 69 लाख पेंशनर्स ओल्ड पेंशन स्कीम के अंतर्गत लाभ उठा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत पेंशन पाने वालों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की ओर से अक्सर पेंशन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए जाते हैं, खासकर नई पेंशन प्रणाली के भुगतान से जुड़ी चिंताओं पर। हालांकि सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भुगतान से जुड़ी कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। इसके अलावा सरकार ने संसद में पेंशन प्रणाली की मौजूदा स्थिति, कर्मचारियों की संख्या और विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी।
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OPS के तहत कितने पेंशनर्स को मिल रहा लाभ
OPS व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने राज्यसभा में बताया कि केंद्र सरकार में लगभग 50 लाख से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। हालांकि जब सेवानिवृत्त कर्मचारियों की संख्या पर नजर डालते हैं, तो यह अंतर स्पष्ट दिखाई देता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 69 लाख पेंशनर्स अभी भी OPS के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत पेंशन लेने वालों की संख्या करीब 49 हजार के आसपास है। यह अंतर इसलिए दिखाई देता है क्योंकि 1 जनवरी 2004 से पहले सरकारी सेवा में नियुक्त कर्मचारियों को OPS का लाभ मिलता है, जबकि इसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारी नई पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आते हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि कर्मचारियों की ओर से अक्सर यह चिंता व्यक्त की जाती है कि एनपीएस के तहत भुगतान प्रक्रिया जटिल हो सकती है। हालांकि वित्त मंत्रालय और पेंशन नियामक संस्था के अनुसार पिछले तीन वर्षों में एनपीएस भुगतान में देरी की कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
पेंशन व्यवस्था को लेकर जारी बहस
देश में पेंशन व्यवस्था को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है और कई कर्मचारी संगठन फिर से OPS लागू करने की मांग उठा रहे हैं। कुछ राज्य सरकारों ने भी अपने कर्मचारियों के लिए इस योजना को दोबारा लागू करने का फैसला लिया है। उदाहरण के तौर पर Rajasthan, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Punjab और Jharkhand जैसे राज्यों ने कर्मचारियों के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू किया है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था तय करने का अधिकार रखती हैं।
वहीं नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने चेतावनी दी है कि यदि बड़े पैमाने पर OPS लागू किया जाता है, तो इससे राज्यों के वित्तीय संसाधनों पर लंबे समय में भारी बोझ पड़ सकता है। इसलिए सरकार इस मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात कर रही है। इसके अलावा सरकार ने हाल ही में नई पेंशन प्रणाली के भीतर ही यूनिफाइड पेंशन स्कीम का विकल्प भी दिया है, जिसका उद्देश्य पेंशन को अधिक स्थिर और अनुमानित बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में OPS और नई पेंशन योजनाओं को लेकर बहस और तेज हो सकती है।
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