भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह सैन्य कर्मियों के नाम पहली बार आधिकारिक रूप से सार्वजनिक किए हैं। इन वीरों में भारतीय थल सेना के पांच जवान और भारतीय वायुसेना का एक जवान शामिल हैं। सरकार ने उनके नाम राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की ‘रोल ऑफ ऑनर’ सूची में दर्ज कर उन्हें औपचारिक सम्मान दिया है। भारत यह पहली बार है जब अभियान के दौरान हुई शहादतों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है। इस घोषणा के बाद पूरे देश ने इन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सरकार ने कहा कि इन जवानों का साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। भारत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर उनके नाम अंकित होने से उनका बलिदान हमेशा के लिए इतिहास का हिस्सा बन जाएगा। देश ने इन सैनिकों की वीरता को सम्मान देते हुए उन्हें सच्चा राष्ट्रनायक बताया।
Also read:2027 चुनाव की तैयारी तेज, BJP की नई टीम घोषित; किंगमेकर को लेकर चर्चा
देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले छह सैन्य कर्मियों को मिला राष्ट्रीय सम्मान
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण सीमापार सैन्य अभियान था। इस अभियान का उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी ठिकानों और उनके ढांचे को निशाना बनाकर नष्ट करना था। भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से इस मिशन को अंजाम दिया और कई रणनीतिक लक्ष्यों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उच्च स्तर का समन्वय, सटीक योजना और अद्भुत साहस दिखाया। हालांकि इस मिशन के दौरान छह सैन्य कर्मियों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सरकार ने उनके बलिदान को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताते हुए कहा कि उनकी वीरता हमेशा भारतीय सशस्त्र बलों की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा रहेगी।
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार बलिदान देने वाले सैनिकों में मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड के सूबेदार मेजर पवन कुमार, चार जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री के राइफलमैन सुनील कुमार, पांच फील्ड रेजिमेंट के लांस नायक दिनेश कुमार, 851 लाइट रेजिमेंट के अग्निवीर मूड मुरलीनायक, 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी के हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना की 39 विंग के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। इन सभी सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा के साथ पालन किया। सरकार ने कहा कि इन वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण पूरे देश के लिए प्रेरणादायक रहेगा। उनके नाम अब राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की ग्रेनाइट दीवारों पर स्थायी रूप से अंकित किए जाएंगे।
Also read:BMW X6 भारत में हुई लॉन्च, महज 4.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ती है
भारत सरकार ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की पहचान सार्वजनिक की
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान असाधारण वीरता दिखाने वाले राइफलमैन सुनील कुमार को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यह भारत का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रक्षा अलंकरण समारोह में यह सम्मान उनके माता-पिता को प्रदान किया। इसके अलावा भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार को मरणोपरांत वायु पदक से सम्मानित किया गया। सरकार ने कहा कि इन सम्मानों के माध्यम से राष्ट्र अपने वीर सैनिकों के अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान को नमन करता है। इन पुरस्कारों ने देशवासियों के मन में सैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को और मजबूत किया। सेना ने भी कहा कि इन वीरों का योगदान हमेशा नई पीढ़ी के सैनिकों को प्रेरित करता रहेगा।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का ‘त्याग चक्र’ उन सैनिकों को समर्पित है जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। इस स्मारक में ग्रेनाइट की 16 गोलाकार दीवारें हैं, जिन पर प्रत्येक शहीद का नाम, रैंक और रेजिमेंट अंकित की जाती है। अब ऑपरेशन सिंदूर में बलिदान देने वाले इन छह वीर सैनिकों के नाम भी हमेशा के लिए इस स्मारक का हिस्सा बनेंगे। सरकार ने कहा कि यह सम्मान केवल छह सैनिकों का नहीं बल्कि पूरे भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और समर्पण का प्रतीक है। देश हमेशा इन वीरों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति को गर्व के साथ याद रखेगा। उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा और राष्ट्र रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
Also read:BMW X6 भारत में हुई लॉन्च, महज 4.3 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ती है


More Stories
Why Akshaye Khanna Chose ‘Shukracharya’ in Mahakali After the Massive Success of Dhurandhar
नितिन गडकरी के ‘अब ज्यादा काम नहीं कर सकता’ बयान से मची हलचल, जानिए नागपुर में क्या बोले
Expired Chocolates Dumped in Kanpur, People Rush to Take Them Home