दस वर्षों से सोने पर आयात शुल्क कम करने की मांग कर रहे सराफा बाजार के लिए मंगलवार का दिन सुखद रहा। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही सोने पर आयात शुल्क और कृषि सेस को 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने की घोषणा की, सराफा बाजार को पहले तो विश्वास ही नहीं हुआ। कस्टम ड्यूटी में नौ फीसदी की कमी होते ही कस्टम विभाग ने भी राहत महसूस की, क्योंकि यूपी में सोने की बढ़ती तस्करी एक बड़ी चुनौती बन गई थी। इस एक फैसले से सोने की तस्करी पर लगभग पूरी तरह लगाम लग जाएगी, क्योंकि मुनाफा 10 फीसदी से घटकर 1-2 फीसदी रह जाएगा।
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सोने पर शुल्क में कमी और तस्करी पर प्रभाव
अब तक सोने पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी और 5 फीसदी कृषि सेस लागू था। इस बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी को 5 फीसदी तक घटा दिया गया और कृषि सेस को 5 फीसदी से घटाकर केवल 1 फीसदी कर दिया गया। इस प्रकार, सोने पर कुल कस्टम शुल्क 15 फीसदी से घटकर 6 फीसदी रह गया। बढ़े हुए शुल्क के कारण यूपी में सोने की तस्करी तेजी से बढ़ रही थी। इसका अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि कस्टम विभाग ने वर्ष 2022-23 में 20 किलोग्राम तस्करी का सोना पकड़ा था, जो 2023-24 में बढ़कर 140 किलोग्राम हो गया। सबसे अधिक सोना लखनऊ और बनारस एयरपोर्ट से पकड़ा जा रहा है। यह सोना दुबई के रास्ते आ रहा है, जबकि सड़क मार्ग से नेपाल, नॉर्थईस्ट से म्यांमार और बांग्लादेश को भी सुरक्षित मार्ग माना जाता है।
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कस्टम ड्यूटी में कटौती और सोने की तस्करी पर असर
सोने की तस्करी में वृद्धि का मुख्य कारण भारी कस्टम ड्यूटी है। दुबई में सोना ड्यूटी फ्री है और भारत की तुलना में वहां करीब 10 लाख रुपये प्रति किलो सस्ता है। दुबई से सोना लाने वाले ‘कैरियर’ को एक राउंड में केवल 20 से 25 हजार रुपये मिलते हैं, जबकि मास्टरमाइंड को एक किलोग्राम सोने की तस्करी में करीब छह लाख रुपये का मुनाफा होता है। अब, कस्टम ड्यूटी घटकर 6 फीसदी रह जाने से, इसमें से 4 से 5 फीसदी शुल्क देने में ही निकल जाएंगे। ऐसे में केवल 1-2 फीसदी के मुनाफे के लिए कोई तस्करी का जोखिम नहीं उठाएगा।
सोने पर आयात शुल्क घटने से सराफा बाजार में खुशी
यूपी सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्र जैन ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि इंतजार का फल मीठा होता है। उद्योग लंबे समय से इस मांग को कर रहा था। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से कारोबार में पारदर्शिता आ जाएगी। ऑल इंडिया गोल्डस्मिथ एंड ज्वैलर्स फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु, और केरल में देश में दर्ज कुल सोने की तस्करी के 60 प्रतिशत से अधिक मामले सामने आए थे। दो साल में इन राज्यों की हिस्सेदारी घटकर करीब 48 प्रतिशत रह गई है। वहीं, यूपी में तस्करी के मामले तेजी से बढ़े थे, जो सात गुना तक बढ़ गए थे।
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