नेपाल के संसदीय चुनाव में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने जबरदस्त बढ़त बनाई। पार्टी काठमांडू और अन्य प्रमुख जिलों में आगे चल रही है। गुरुवार देर रात से मतगणना शुरू हुई और अब तक RSP बड़ी संख्या में आगे है। रुझानों के अनुसार, यह नई पार्टी भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करने की ओर बढ़ रही है। चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि 165 FPTP सीटों में से 135 पर मतगणना जारी है। अगले कुछ घंटों में सभी परिणाम आने की संभावना है और राजनीतिक माहौल काफी रोमांचक है। RSP ने अब तक 19 सीटें जीत ली हैं और 98 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर यह पार्टी 117 सीटों पर जीत हासिल करती नजर आ रही है। नेपाली कांग्रेस दूसरे स्थान पर है और 4 सीटें जीत चुकी है, जबकि 11 पर बढ़त बना रही है।
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RSP की बढ़त और भारी बहुमत की संभावना
केपी शर्मा ओली की CPN-UML पार्टी ने चुनाव में सिर्फ एक सीट जीती है और 11 सीटों पर आगे चल रही है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी NCP ने भी केवल एक सीट पर जीत हासिल की है और 11 सीटों पर लीड कर रही है। खास बात यह है कि झापा-5 सीट पर बालेन शाह ने ओली से लगभग चार गुना अधिक वोट हासिल किए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, बालेन शाह को 34,863 वोट मिले जबकि ओली केवल 9,068 वोट ही प्राप्त कर सके। सरलााही-4 में नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन कुमार थापा RSP के उम्मीदवार से पीछे चल रहे हैं। अमरेश कुमार सिंह ने इस सीट पर 11,383 वोट हासिल किए और थापा केवल 6,952 वोट प्राप्त कर पाए। इस चुनाव में कुल 68 पार्टियां मैदान में थीं और मुकाबला काफी सघन था।
FPTP के लिए 3,406 उम्मीदवार मैदान में थे और PR प्रणाली के लिए 1,270 उम्मीदवार खड़े हुए थे। नेपाली संसद की कुल 275 सीटों में से 165 FPTP और 110 PR से चुनी जाती हैं। अकेले सरकार बनाने के लिए किसी पार्टी को 138 सीटों की जरूरत होती है। अब तक के रुझानों को देखकर RSP इस बहुमत को पार करने की राह पर दिखाई दे रही है। पार्टी की सफलता में युवा मतदाताओं का समर्थन निर्णायक भूमिका निभा रहा है। जनरेशन Z ने पुरानी पार्टियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद ओली की सरकार अस्थिर हो गई और राजनीतिक परिदृश्य बदल गया। नए और युवा नेताओं के लिए यह चुनाव बड़ी चुनौती और अवसर दोनों साबित हुआ है।
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युवा समर्थन और नेपाल की राजनीति में बदलाव
RSP के उपाध्यक्ष डॉल प्रसाद अर्याल ने ANI को इंटरव्यू में दावा किया कि उनकी पार्टी दो-तिहाई बहुमत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी कुल मिलाकर 186 सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है। दो-तिहाई बहुमत के लिए नेपाल में 186 सीटें जरूरी होती हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी ने चुनावी रणनीति पर पूरी तैयारी की थी। युवा मतदाताओं की भारी भागीदारी ने पार्टी को यह आत्मविश्वास दिया। स्थानीय और शहरी क्षेत्रों में RSP की पकड़ मजबूत दिखाई दे रही है। इसके अलावा पार्टी के नये नेता युवाओं और नए विचारधारा को ध्यान में रखकर मैदान में सक्रिय रहे हैं। इस चुनाव के परिणाम नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
RSP की बढ़त से स्पष्ट हो रहा है कि नेपाल में राजनीतिक परिदृश्य बदलने वाला है। पार्टी की सफलता ने पुरानी पार्टियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। युवा मतदाताओं का समर्थन नई राजनीति को बढ़ावा दे रहा है। काठमांडू समेत अन्य जिलों में RSP लगातार आगे चल रही है और बहुमत के करीब है। अन्य पार्टियों के लिए यह संकेत है कि उन्हें अपनी रणनीति और प्रचार पर पुनर्विचार करना होगा। RSP की जीत से नेपाल में नई राजनीतिक सोच और बदलाव की संभावना बढ़ रही है। पार्टी का नेतृत्व जनता के मुद्दों और युवा आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। इस प्रकार, यह चुनाव नेपाल के राजनीतिक भविष्य में निर्णायक साबित होगा।
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