केंद्रीय बजट से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के कारण गुरुवार को दो दिन की तेजी के बाद बेंचमार्क शेयर सूचकांकों में गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 343.67 अंक गिरकर 82,001.01 पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 94.2 अंक गिरकर 25,248.55 पर पहुंच गया। डॉलर की बढ़ती मांग और वैश्विक बाजारों में सतर्कता के चलते रुपये पर दबाव बढ़ गया, जिससे यह 92.00 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया।
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सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, टाइटन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी कंपनियां गिरावट का सामना कर रही थीं, जबकि टाटा स्टील, एनटीपीसी, पावर ग्रिड और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लाभ में रही। वहीं, मारुति के दिसंबर तिमाही के नतीजों ने निवेशकों का उत्साह कम किया, जिसके कारण उसके शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, लार्सन एंड टुब्रो के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के परिणाम अच्छे रहे, जिससे इसके शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई, साथ ही इसके समेकित राजस्व में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बजट से पहले बाजार में अस्थिरता एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख
प्रशांत तापसे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष (अनुसंधान), मेहता इक्विटीज लिमिटेड ने कहा कि रविवार को केंद्रीय बजट पेश होने से पहले बाजार अस्थिरता का सामना कर सकता है, हालांकि गिरावट की संभावना सीमित नजर आ रही है। सभी की नजरें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हैं, जो विकास को बढ़ावा देने वाले संकेत दे सकती हैं। एशियाई बाजारों में मिली-जुली स्थिति रही, जहां दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक ऊपर थे, जबकि जापान का निक्केई 225 और शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक नीचे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को स्थिर बंद हुए। वहीं, ब्रेंट क्रूड का भाव 1.08 प्रतिशत बढ़कर 69.14 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 480.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,360.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इस बीच, सेंसेक्स 487.20 अंक और निफ्टी 167.35 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए।
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