शुक्रवार दोपहर पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भूकंप के जोरदार झटके महसूस हुए और लोगों ने अचानक धरती को कांपते हुए महसूस किया। दोपहर करीब 1 बजकर 22 मिनट पर आए इन झटकों ने पूरे शहर में दहशत फैला दी। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई, लेकिन कई लोगों ने इसे इससे अधिक तीव्र महसूस किया। जैसे ही इमारतें हिलनी शुरू हुईं, लोग घबराकर अपने घरों, दफ्तरों और दुकानों से बाहर निकल आए। कई कार्यालयों को एहतियातन खाली कराया गया और कर्मचारी खुले स्थानों पर इकट्ठा हो गए। अचानक आए इस कंपन ने सामान्य जनजीवन को कुछ समय के लिए प्रभावित कर दिया और लोगों में भय का माहौल बन गया।
केंद्र खुलना के पास, नुकसान की खबर नहीं
अधिकारियों ने बताया कि भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के खुलना से लगभग 26 किलोमीटर दूर स्थित था। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, झटके कुछ सेकंड से लेकर करीब एक मिनट तक महसूस किए गए। प्रशासन ने तुरंत स्थिति का आकलन शुरू किया और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क कर दिया। हालांकि भूकंप के झटके तेज थे, लेकिन अब तक किसी प्रकार की जान-माल की क्षति की सूचना नहीं मिली है। राहत की बात यह रही कि किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर सामने नहीं आई। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की।
स्थानीय लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान घरों के अंदर रखे पंखे, फर्नीचर, खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे। बहुमंजिला इमारतों में कंपन अधिक महसूस हुआ, जिससे ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग घबराकर सीढ़ियों से नीचे उतर आए। कई इलाकों में लोगों ने खुले मैदानों और सड़कों पर शरण ली। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कंपन इतना तेज था कि कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा मानो तीव्रता 6 से अधिक हो। ऊंची इमारतों में रहने वाले निवासियों ने सबसे अधिक थरथराहट महसूस की, जिससे उनमें भय और असमंजस की स्थिति बन गई।
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दो महीने में तीसरी बार भूकंप से बढ़ी चिंता
पिछले दो महीनों में कोलकाता में यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि इससे पहले आए झटकों की तीव्रता 5.0 तक नहीं पहुंची थी, लेकिन इस बार दर्ज की गई तीव्रता ने लोगों को अधिक चिंतित कर दिया। शहर में बीते कुछ वर्षों में भूकंप के हल्के झटके आते रहे हैं, परंतु इस बार का अनुभव अपेक्षाकृत अधिक तीव्र लगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भौगोलिक स्थिति के कारण पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में इस तरह के झटके समय-समय पर महसूस किए जाते हैं।
भूकंप के बाद लोगों में आफ्टरशॉक को लेकर आशंका बनी हुई है। आमतौर पर मुख्य झटके के बाद धरती दोबारा हिल सकती है, जिससे लोग सतर्क बने हुए हैं। कई परिवारों ने एहतियातन कुछ समय तक घरों के बाहर ही रहना उचित समझा। प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए और स्थिति पर लगातार नजर रखी। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने के लिए हेल्पलाइन सक्रिय रखी गई हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को भूकंप के दौरान और बाद में सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि झटके महसूस होते ही घबराने के बजाय घर के किसी सुरक्षित कोने में बैठ जाएं और सिर को ढक लें। यदि मजबूत मेज या टेबल उपलब्ध हो तो उसके नीचे शरण लेना सुरक्षित रहता है। बाहर निकलते समय भगदड़ से बचें और बिजली के तारों व खंभों से दूर रहें। संभव हो तो गैस और बिजली के उपकरण तुरंत बंद कर दें। गिरने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें और किसी भी वस्तु को पकड़कर गिरने से रोकने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।


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