भारतीय वायु सेना (IAF) के सोवियत काल के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 की जगह अब यूरोपीय कंपनी एयरबस के सी-295 विमान लेंगे। हालांकि, इन विमानों का निर्माण भारत में ही किया जा रहा है। वायु सेना के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय वायु सेना अपने परिवहन बेड़े को आधुनिक बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत यह अहम बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है।
वायु सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, सी-295 मध्यम परिवहन विमान को टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और यूरोपीय फर्म एयरबस डिफेंस एंड स्पेस द्वारा भारत में निर्मित किया जाएगा। बता दें, हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के वडोदरा में सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट प्लांट की नींव रखी थी। देश का पहला मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्रॉफ्ट गुजरात के इसी प्लांट में बनकर तैयार होगा।
सी-295 पर बन रही आम सहमति
वायुसेना के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि, वायु सेना के इस कदम को 1960 में परिवहन बेडे में शामिल एवरो-748 विमानों के बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं, अधिकारियों का यह भी कहना है कि एएन-32 की जगह सी-295 विमान पर आम सहमति बन रही है।
90 AN-32 का संचालन कर रही वायु सेना
भारतीय वायु सेना वर्तमान में 90 एएन-32 विमानों को संचालित कर रही है। ये विमान लद्दाख व पूर्वोत्तम समेत देश के कई हिस्सों में तैनात सैनिकों की मदद में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वायु सेना के एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सी-295 विमान एएन-32 की भूमिकाओं को पूरा करने में सक्षम है और यह एक बेहतर


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