विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और वैश्विक बाजारों में सुस्त रुझान के चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई। इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 631.93 अंक लुढ़ककर 82,679.08 अंक पर पहुँच गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 184.55 अंक गिरकर 25,325.15 अंक पर कारोबार कर रहा था।
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सेंसेक्स की कंपनियों में इस गिरावट के दौरान भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और मारुति में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। वहीं, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल और पावर ग्रिड जैसी कंपनियां लाभ में रहीं। दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में भी नकारात्मक रुझान बना रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक में बड़ी गिरावट आई, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके अलावा, गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी काफी गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक बाजारों में कमजोर रुझान बना रहा।
एफआईआई शॉर्टिंग के बीच बाजार में गिरावट ब्रेंट क्रूड 63.57 डॉलर पर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के वीके विजयकुमार के अनुसार, एफआईआई की शॉर्टिंग के कारण डीआईआई की खरीदारी के बावजूद बाजार में गिरावट बनी रही है। एफआईआई की सस्ते बाजारों में निवेश की रणनीति ने उन्हें शॉर्टिंग जारी रखने के लिए प्रेरित किया है, जबकि शॉर्ट कवरिंग से रुझान बदल सकता है, लेकिन इसके लिए कोई तत्काल ट्रिगर नहीं दिख रहा। इस बीच, ब्रेंट क्रूड 0.30 प्रतिशत बढ़कर 63.57 डॉलर प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को सेंसेक्स 148.14 अंक गिरकर 83,311.01 पर और निफ्टी 87.95 अंक गिरकर 25,509.70 पर बंद हुआ।
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