March 7, 2026

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केदारनाथ यात्रा : धाम के लिए हेली सेवा का पहला चरण संपन्न, अब मानसून खत्म होने के बाद फिर से शुरू होगी

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केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवा अब फिर से सितंबर में, मानसून समाप्त होने के बाद तीसरे चरण की यात्रा में शुरू की जाएगी. यात्रा के लिए एलआईडीजीसीए ने आठ हेली कंपनियों के नौ हेलिकॉप्टरों को उड़ान की मंजूरी दी थी. लेकिन अब सभी छह कंपनियों ने अपने सात हेलिकॉप्टरों को रविवार को केदारघाटी से वापस बुला लिया है. 17 से 21 जून के बीच उड़ानें रद्द होने के कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.

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केदारनाथ यात्रा में खराब मौसम और सुरक्षा जांचों से हेली कंपनियों को ₹8.65 करोड़ का नुकसान

इस वर्ष 2 मई से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आठ हेली कंपनियों के नौ हेलिकॉप्टरों को उड़ान की अनुमति दी थी. हालांकि, यात्रा का पहला चरण हेली कंपनियों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. कपाट खुलने से लेकर 21 जून तक, कुल 13,304 टिकट रद्द हुए, जिससे कंपनियों को 8.65 करोड़ से अधिक का भारी नुकसान झेलना पड़ा. शुरुआत में, 2 से 16 मई तक मौसम और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के कारण 1,638 टिकट रद्द हुए थे. 7 जून को, बडासू हेलिपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरते समय क्रिस्टल कंपनी के हेलिकॉप्टर को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी. इस घटना के बाद, डीजीसीए ने सभी हेली कंपनियों के कार्यालयों का निरीक्षण किया और उड़ानों के लिए शटल निर्धारित कीं, जिससे उड़ानें नियंत्रित हुईं और कंपनियों को प्रतिदिन सैकड़ों टिकट रद्द करने पड़े.

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केदारनाथ हादसे के बाद दो पायलटों के लाइसेंस रद्द, कंपनी प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज

15 जून को, केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरते समय आर्यन हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर गौरी माई खर्क में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस हादसे में पायलट समेत साल लोगों की माैत हो गई थी. इस हादसे का कारण खराब मौसम बताया गया था। इसी दौरान, ट्रांस भारत के दो हेलिकॉप्टरों ने भी अलग-अलग हेलिपैड से उड़ान भरी और वापस लौटे थे. इन्हीं पायलटों ने आर्यन हेलिकॉप्टर के गुप्तकाशी न पहुंचने की सूचना दी थी. दुर्घटना के तुरंत बाद डीजीसीए ने दो दिनों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा बंद कर दी थी. बाद में, डीजीसीए ने खराब मौसम में जबरन उड़ान भरने के लिए ट्रांस भारत के दोनों पायलटों के लाइसेंस छह महीने के लिए रद्द कर दिए. इसके साथ ही, आर्यन कंपनी प्रबंधन से भी लंबी पूछताछ की गई और राजस्व विभाग ने कंपनी प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया.

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