प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा और हैदराबाद में 1200 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले पर छापेमारी की। दो दिन तक चले इस अभियान में 13 स्थानों की तलाशी ली गई। ईडी ने सात लग्जरी गाड़ियां और करीब 72 लाख रुपये नकद जब्त किए। एजेंसी ने कई बैंक खाते और सावधि जमा भी फ्रीज कर दिए। इसके अलावा, बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई। परिणामस्वरूप, घोटाले के नेटवर्क की शुरुआती तस्वीर सामने आई है।
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1200 करोड़ रुपये की जमीन का अवैध कब्जा
ईडी ने जमीन घोटाले में आरोपी यशवंत सावंत और उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसा। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अंजुना और असगांव क्षेत्र की 3.5 लाख वर्ग मीटर जमीन कब्जाई। उन्होंने पुराने और जाली कागजात का इस्तेमाल कर म्यूटेशन प्रक्रिया पूरी करवाई। इसी बीच, जमीन का बड़ा हिस्सा बेच दिया गया और करोड़ों रुपये कमाए गए। हालांकि, एजेंसी का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। आगे और नाम सामने आने की संभावना है। इसके अलावा, जांच टीम मान रही है कि कई स्थानीय प्रभावशाली लोग भी इसमें शामिल थे।रिपोर्ट ने अवैध कब्जे का बड़ा खुलासा किया। कब्जाई गई जमीन की कीमत 1200 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इस घोटाले से सरकार को भारी राजस्व हानि हुई है।
पहले ही गोवा पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर रखी थी। ईडी ने उसी एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। अधिकारियों का मानना है कि यह साजिश लंबे समय से चल रही थी। परिणामस्वरूप, यह मामला गोवा के सबसे बड़े जमीन घोटालों में शामिल हो गया है।छापेमारी के दौरान ईडी ने सात लग्जरी गाड़ियां जब्त कीं। इनमें पोर्श केमैन, बीएमडब्ल्यू 650 लीटर, रेंज रोवर और मर्सिडीज बेंज शामिल हैं। इसके अलावा, बीएमडब्ल्यू एम5 और ऑडी ए-6 भी जब्त की गईं। तलाशी में करीब 72 लाख रुपये नकद भी मिले। इसी बीच, बैंक खातों और सावधि जमा पर भी रोक लगा दी गई। एजेंसी को जमीन सौदों से जुड़ी कई आपत्तिजनक फाइलें और दस्तावेज भी मिले। अंततः, ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और और बड़े खुलासे संभव हैं।
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