केंद्र सरकार इसी साल डिजिटल लोन सेवा शुरू करने की योजना बना रही है। इससे छोटे रेहड़ी-पटरी वालों को बड़े बैंकों से कर्ज लेने में आसानी होगी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह सेवा यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) की तरह होगी- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के तहत एक बड़ी उपलब्धि।
NPCI को लेकर अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा
अश्निनी वैष्णव ने कहा, ”इस साल हम डिजिटल लोन सेवा शुरू करेंगे। गले 10-12 में नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया या भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) काफी आगे होगा।” इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री ने यूपीआई के लिए वॉयस बेस्ड पेमेंट सिस्टम के प्रोटोटाइप का अनावरण किया।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि सरकार यूपीआई को अधिक लोकप्रिय और अधिक लोगों के लिए सुलभ बनाने के साथ-साथ कई अन्य डिजिटल भुगतान परियोजनाओं पर काम कर रही है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जरिए यूपीआई को देश में हर जगह उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है।
यूपीआई ग्लोबल पेमेंट प्रोडक्ट बनने जा रहा है
इस मौके पर मंत्रालय के सचिव अल्केश कुमार शर्मा ने कहा कि यूपीआई ग्लोबल पेमेंट प्रोडक्ट बनेगा जिसके लिए एनपीसीआई ने पहले ही नेपाल, सिंगापुर और भूटान आदि देशों के साथ भागीदारी शुरू की है। उन्होंने बताया कि यूपीआई सर्विसेज 10 देशों ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, यूएई, ब्रिटेन और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) के लिए उपलब्ध होंगी।
G-20 की अध्यक्षता इस बार भारत कर रहा है और इसी के दौरान डिजिटल पेमेंट की योजना को भी बड़े पैमाने पर चलाने की योजना बनाई गई है। ये डिजिटल पेमेंट उत्सव कल यानी 9 अक्टूबर तक चला। देश में सभी ओर डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की कोशिशों के बारे में बताने और कार्य बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर इस उत्सव में चर्चा हुई है।


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